Expressway Connectivity: हरदोई के लिए खुला विकास का द्वार! गंगा और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा 92 KM लंबा लिंक मार्ग, बजट में मिली बड़ी रफ़्तार
हरदोई। उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। गंगा एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए प्रस्तावित 92 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है। प्रदेश सरकार ने ताजा बजट में इस परियोजना के लिए भारी धनराशि का प्रावधान कर यह स्पष्ट कर दिया है कि यह प्रोजेक्ट उसकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से न केवल हरदोई बल्कि मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ तक का सफर घंटों से सिमटकर मिनटों में रह जाएगा।
यूपीडा (UPEIDA) ने तेज की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) और राजस्व विभाग युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।
बजट का प्रावधान: वर्ष 2025 में इसके लिए 900 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए थे, जिसके बाद अब ताजा बजट में भी अतिरिक्त फंड का आवंटन किया गया है।
प्रमुख गांव: इस मार्ग के लिए मरकड़ा, कनकापुर उबरिया, सरसई, तिमिरपुर, सैदापुर और रायपुर जैसे गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है।
कनेक्टिविटी पॉइंट: यह लिंक मार्ग हरदोई की सवायजपुर तहसील के कौशिया गांव के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
हरदोई बनेगा विकास की नई धुरी: सफर होगा आसान
इस लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने से यातायात की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी:
मेरठ और प्रयागराज की राह आसान: गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के कारण हरदोई के लोग सीधे पश्चिमी यूपी और प्रयागराज तक तेज गति से पहुंच सकेंगे।
बुंदेलखंड से सीधा जुड़ाव: मध्य प्रदेश, झांसी और बुंदेलखंड जाने वाले यात्रियों को अब घुमावदार रास्तों के बजाय एक सीधा और सुगम गलियारा मिलेगा।
समय की बचत: वर्तमान में इन दूरियों को तय करने में जो अतिरिक्त समय और ईंधन खर्च होता है, उसमें भारी कमी आएगी।
व्यापार और निवेश के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर
जानकारों का मानना है कि यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि एक 'इकोनॉमिक कॉरिडोर' साबित होगा:
कृषि उत्पादों की पहुंच: हरदोई और आसपास के किसान अपने उत्पादों को कम समय में दिल्ली, लखनऊ और अन्य बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।
औद्योगिक निवेश: एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
रियल एस्टेट को पंख: बेहतर कनेक्टिविटी के कारण सवायजपुर और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों की कीमतों में उछाल और शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।