सोनार बंगाल का सपना देखने वाला हर व्यक्ति दुखी है ,चुनाव से पहले पीएम मोदी का बंगाल के मतदाताओं को पत्र
News India Live, Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के लोगों के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मतदाताओं से 'अस्ली पोरिबोर्तन' (Asli Poriborton) के लिए भाजपा को चुनने का आह्वान किया है। उन्होंने 'एबार भाजपा सरकार' (इस बार भाजपा सरकार) के नारे के साथ अपनी चुनावी रणनीति को स्पष्ट कर दिया है।
प्रधानमंत्री के पत्र की 5 बड़ी बातें:
'सोनार बंगाल' का दर्द: पीएम मोदी ने लिखा कि जिस 'सोनार बंगाल' का सपना हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों ने देखा था, आज उसे राजनीतिक हिंसा, भ्रष्टाचार और अराजकता की नजर लग गई है। उन्होंने कहा, "आज बंगाल का हर वो नागरिक दुखी है जो राज्य को विकास की ऊंचाइयों पर देखना चाहता था।"
ममता सरकार पर सीधा प्रहार: प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर केंद्र की जन-कल्याणकारी योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत और पीएम किसान) को बंगाल के गरीबों तक नहीं पहुँचने देने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे 'क्रूरता' करार दिया।
भ्रष्टाचार और कट-मनी: पत्र में हालिया वर्षों के भर्ती घोटालों और 'कट-मनी' संस्कृति का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि बंगाल के युवाओं का भविष्य कुछ लोगों के निजी स्वार्थ की भेंट चढ़ गया है।
घुसपैठ और सुरक्षा: उन्होंने चुनावी शुद्धिकरण (SIR) का समर्थन करते हुए संकेत दिया कि राज्य की डेमोग्राफी और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों को अब मतदाता ही जवाब देंगे।
डबल इंजन सरकार की अपील: पीएम मोदी ने मतदाताओं से आग्रह किया कि यदि बंगाल में भी भाजपा की सरकार बनती है, तो राज्य को वही रफ्तार मिलेगी जो आज देश के अन्य प्रगतिशील राज्यों में दिख रही है।
सियासी प्रतिक्रियाएं: 'खेला होबे' बनाम 'एबार भाजपा'
प्रधानमंत्री के इस पत्र के बाद बंगाल की राजनीति दो ध्रुवों में बंट गई है:
TMC का पलटवार: ममता बनर्जी की पार्टी ने इसे 'चुनावी स्टंट' और बंगाल की अस्मिता का अपमान बताया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि मोदी केवल चुनाव के समय ही बंगाल को याद करते हैं।
भाजपा का अभियान: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पीएम का यह पत्र हर घर तक पहुँचाया जाएगा ताकि लोग 'जंगलराज' के खिलाफ लामबंद हो सकें।
चुनाव आयोग की तैयारी
इसी बीच, चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए 480 केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की कंपनियां बंगाल भेजने का फैसला किया है, जो 1 मार्च 2026 से राज्य में तैनात होना शुरू हो जाएंगी।