छत्तीसगढ़ में भी फैसला ऑन द स्पॉट रायपुर में 9 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले का घर हुआ जमींदोज
News India Live, Digital Desk: देश में "बुलडोजर न्याय" की चर्चा अक्सर होती रहती है। कभी उत्तर प्रदेश तो कभी मध्य प्रदेश से ऐसी तस्वीरें आती थीं। लेकिन अब छत्तीसगढ़ भी पीछे नहीं है। राजधानी रायपुर (Raipur) में एक ऐसी घटना हुई जिसने हर इंसान का खून खौला दिया, और प्रशासन ने भी बिना देर किए ऐसा जवाब दिया है जो नजीर बन गया है।
क्या था वो गुनाह?
रायपुर में एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात हुई। एक 9 साल की छोटी सी मासूम बच्ची के साथ रेप (Rape) की घटना को अंजाम दिया गया। सोचिए, उस परिवार और उस बच्ची पर क्या गुजरी होगी। इस खबर के बाहर आते ही लोगों में भारी गुस्सा था। हर कोई बस यही कह रहा था कि उस दरिंदे को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
प्रशासन का 'त्वरित न्याय'
गुस्साए लोगों की आवाज़ शायद सिस्टम तक पहुँच गई। पुलिस ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि उसके आर्थिक चोट पहुँचाने का भी फैसला किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने अवैध तरीके से निर्माण (Illegal Construction) कर रखा था। बस फिर क्या था, निगम का बुलडोजर और पुलिस की फौज आरोपी के घर पहुँच गई।
देखते ही देखते, जिस घर में वो रहता था, उसके अवैध हिस्से को मलबे में मिला दिया गया।
क्यों जरूरी था ये एक्शन?
कुछ लोग कह सकते हैं कि यह कानूनी है या नहीं, लेकिन समाज के नजरिए से देखें तो यह एक कड़ा संदेश (Strong Message) है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर आप किसी की बहन-बेटी की इज्जत के साथ खिलवाड़ करेंगे, तो न आप जेल में सुरक्षित रहेंगे और न ही आपका घर सलामत रहेगा।
अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए यह 'छत्तीसगढ़ मॉडल' अब चर्चा का विषय बना हुआ है। मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस कार्रवाई का समर्थन किया। वाकई, जब न्याय होता हुआ दिखता है, तो सिस्टम पर भरोसा थोड़ा बढ़ जाता है।
उस मासूम बच्ची के साथ जो हुआ उसे तो नहीं बदला जा सकता, लेकिन गुनहगार के घर पर चला यह हथौड़ा शायद दूसरे अपराधियों को ऐसा घिनौना काम करने से पहले सौ बार सोचने पर मजबूर करेगा।