छपरा में भगवान भी सुरक्षित नहीं? राम-जानकी और लक्ष्मण की बेशकीमती मूर्तियां चोरी, इलाके में हड़कंप
News India Live, Digital Desk: बिहार के छपरा (सारण) जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर न सिर्फ गुस्सा आता है बल्कि अफसोस भी होता है। चोरों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि अब उन्हें न तो पुलिस का डर है और न ही भगवान का खौफ। बीती रात चोरों ने एक मंदिर को निशाना बनाया और वहां से भगवान राम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की बेहद कीमती अष्टधातु (Ashtadhatu) की मूर्तियां चुराकर फरार हो गए।
सुबह का मंजर देख रो पड़े भक्त
यह घटना जलालपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। रोज की तरह जब पुजारी और गांव के कुछ लोग सुबह-सुबह पूजा-आरती के लिए मंदिर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मंदिर के मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ था और अंदर जाकर देखा तो सिंहासन खाली पड़ा था।
भगवान की वो मूर्तियां, जिनके आगे पूरा गांव सिर झुकाता था, वहां से गायब थीं। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और मंदिर के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों में अपनी आस्था पर हुए इस चोट को लेकर भारी आक्रोश है।
करोड़ों में बताई जा रही है कीमत
चोरी गई ये मूर्तियां कोई साधारण मूर्तियां नहीं थीं। ये अष्टधातु (आठ धातुओं का मिश्रण) से बनी हुई थीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसी प्राचीन मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपये में होती है। अक्सर चोर ऐसे ही मंदिरों की रेकी करते हैं जहाँ पुरानी और बेशकीमती मूर्तियां होती हैं और फिर मौका पाकर वारदात को अंजाम दे देते हैं।
पुलिस कर रही छानबीन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि चोर किस रास्ते से आए और कैसे इतनी आसानी से भाग निकले। क्या इसमें किसी स्थानीय व्यक्ति का हाथ है या यह किसी बड़े गिरोह का काम है, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। खोजी कुत्तों (Dog Squad) की भी मदद ली जा सकती है।
सुरक्षा पर सवाल
बिहार में मंदिरों से मूर्ति चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर हमारे धरोहर और मंदिर कितने सुरक्षित हैं? फिलहाल, गांव वाले बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द चोरों को पकड़े और उनके आराध्य देव उन्हें वापस मिल जाएं।