EPFO 3.0 : अपनी ही गाढ़ी कमाई के लिए अब नहीं लगाने होंगे चक्कर पीएफ का पैसा निकालना होगा अब पानी की तरह आसान

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News India Live, Digital Desk: अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए सिस्टम के साथ लड़ना किसी जंग से कम नहीं लगता। लेकिन अब ख़बर है कि कर्मचारियों की इसी पीड़ा को समझते हुए ईपीएफओ (EPFO) अपने पूरे काम करने के तरीके को 'डिजिटल मेकओवर' देने जा रहा है। इसे नाम दिया गया है 'EPFO 3.0'

आखिर क्या है ये EPFO 3.0 और इससे क्या बदलेगा?
इसे आप सीधे शब्दों में ऐसे समझिए कि यह ईपीएफओ का एक नया और हाई-टेक वर्जन है। अभी जो हम पुराना सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं, वह कई बार ज्यादा लोड नहीं झेल पाता। लेकिन 3.0 वर्जन के आने के बाद पीएफ से जुड़े सारे काम 'ऑटोमैटिक' होने की राह पर चल पड़ेंगे।

इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि आपका क्लेम सेटल होने में जो हफ़्तों का समय लगता था, वह अब काफी कम हो जाएगा। कोशिश ये है कि पीएफ का पैसा सीधे आपके बैंक खाते में बिजली की रफ़्तार से पहुंचे।

क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी आपको?

  1. ऑटो मोड में क्लेम: कई तरह के क्लेम्स अब बिना किसी बाबू के हस्तक्षेप के अपने आप सिस्टम से अप्रूव हो जाएंगे।
  2. सर्वर की समस्या से राहत: वेबसाइट के बार-बार स्लो होने या क्रैश होने की दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
  3. गलतियों में कमी: नया सिस्टम डेटा को ज्यादा सटीकता से चेक करेगा, जिससे आपके फॉर्म रिजेक्ट होने की गुंजाइश कम होगी।
  4. सेंट्रलाइज्ड सिस्टम: इसका मतलब है कि आप देश के किसी भी कोने में हों, आपकी पीएफ फाइल एक ही छत के नीचे डिजिटल तौर पर एक्सेस की जा सकेगी।

आम आदमी की ज़िंदगी पर क्या असर होगा?
यकीनन, जब हम अपनी गाढ़ी कमाई में से एक हिस्सा हर महीने पीएफ में कटाते हैं, तो मुसीबत के वक्त उस पर हमारा पूरा हक होता है। ईपीएफओ का यह कदम करोड़ों प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। अब आपको कैफे वाले या दलाल के चक्कर काटने के बजाय, खुद अपने फोन से काम करना ज्यादा सुरक्षित और आसान महसूस होगा।

आगे की राह:
फिलहाल सरकार इस पर तेज़ी से काम कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरे देश में इस नए इंटरफेस को लागू कर दिया जाएगा।

आपकी राय?
क्या आपने भी कभी पीएफ क्लेम को लेकर परेशानी झेली है? क्या आपको लगता है कि सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल सुधारने से ही सब ठीक हो जाएगा या कर्मचारी सेवा (Customer Service) में भी बड़े सुधार की ज़रूरत है? अपनी राय कमेंट्स में जरूर दें।