रद्दी मत समझिये, ये पुराना नोट है अलादीन का चिराग ,1943 का ये ₹10 का नोट आपको घर बैठे बना सकता है मालामाल
News India Live, Digital Desk : अक्सर कहा जाता है कि "ओल्ड इज़ गोल्ड", और करंसी के मामले में तो यह बात बिल्कुल सच साबित हो रही है। इंटरनेट पर इन दिनों उन दुर्लभ नोटों की खूब मांग है, जो आज़ादी से पहले चलन में थे। खास तौर पर साल 1943 का ₹10 का नोट, जिस पर उस वक्त के गवर्नर सी.डी. देशमुख के हस्ताक्षर हैं, लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इस नोट में ऐसा क्या खास है?
यह नोट आज़ादी से पहले यानी ब्रिटिश राज के दौरान छापा गया था। इस नोट के अगले हिस्से पर आपको ब्रिटेन के सम्राट किंग जॉर्ज VI (King George VI) की तस्वीर देखने को मिलेगी। चूंकि अब ये नोट बाजार में नहीं चलते और बहुत ही कम लोगों के पास बचे हैं, इसलिए इनकी 'एंटीक वैल्यू' यानी ऐतिहासिक कीमत बहुत बढ़ गई है।
कितना मिल सकता है दाम?
अब आपके मन में सवाल होगा कि एक ₹10 का नोट आखिर कितना पैसा दिलवा सकता है? देखिए, इसकी कोई फिक्स कीमत नहीं होती, ये सब खरीदार और नोट की स्थिति (Condition) पर निर्भर करता है। कई ऑनलाइन वेबसाइट्स पर ऐसे दुर्लभ नोटों की नीलामी 20 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक में हो रही है। अगर नोट की हालत बिल्कुल नई जैसी (Uncirculated) है और उसका सीरियल नंबर '786' जैसा कोई खास नंबर है, तो कीमत और भी ज्यादा हो सकती है।
बेचने का पूरा तरीका क्या है?
आज के दौर में इसके लिए आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ही अपना फोन उठाकर ये काम कर सकते हैं:
- सबसे पहले CoinBazzar, eBay, या OLX जैसी भरोसेमंद वेबसाइट पर जाएं।
- यहाँ 'सेलर' (विक्रेता) के तौर पर अपना अकाउंट बनाएं।
- अपने नोट के दोनों तरफ की साफ और स्पष्ट फोटो खींचकर अपलोड करें।
- इसके बारे में कुछ जानकारी लिखें (जैसे साल 1943, हस्ताक्षर आदि) और अपनी एक मनचाही कीमत (Price) डाल दें।
- जिस किसी कलेक्टर को आपकी ये डील पसंद आएगी, वो आपसे सीधे संपर्क करेगा।
सावधानी है बहुत जरूरी!
आजकल जहाँ पुराने नोटों की मांग बढ़ी है, वहीं फ्रॉड करने वाले भी एक्टिव हो गए हैं। याद रखें, किसी भी नोट या सिक्के को बेचने के लिए कोई 'रजिस्ट्रेशन फीस' या 'टैक्स' एडवांस में नहीं मांगता। अगर कोई आपसे पहले पैसे मांगे, तो समझ जाइये कि कुछ गड़बड़ है। डील हमेशा सीधे और पारदर्शी तरीके से करें।
तो देर किस बात की? आज ही अपनी पुरानी गुल्लक या दादाजी की पुरानी डायरियों को खंगालें, क्या पता करोड़ों की ये दौलत आपके घर के ही किसी कोने में छिपी हो!