Election 2026: झारखंड के 25 IAS अफसर संभालेंगे 5 राज्यों में चुनावी कमान, निर्वाचन आयोग ने दिल्ली बुलाई अहम बैठक

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News India Live, Digital Desk: भारतीय निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। झारखंड कैडर के 2002 से 2014 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारियों को चुनावी राज्यों में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है।

पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के मुख्य बिंदु:

दो दिवसीय ट्रेनिंग सेशन: चयनित 25 अधिकारियों को दिल्ली स्थित IIIDEM (India International Institute of Democracy and Election Management) में गुरुवार (5 फरवरी) और शुक्रवार (6 फरवरी) को आयोजित दो दिवसीय ब्रीफिंग सत्र में भाग लेने का निर्देश दिया गया है।

इन राज्यों में होगी तैनाती: ये अधिकारी मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में जनरल ऑब्जर्वर (General Observer) के रूप में तैनात होंगे।

सख्त अनुशासन: आयोग ने स्पष्ट किया है कि ब्रीफिंग मीटिंग से बिना किसी ठोस कारण के अनुपस्थित रहने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इन IAS अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी (प्रमुख नाम):

चयनित अधिकारियों में झारखंड के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सचिव और निदेशक शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (झारखंड) के. रवि कुमार ने कार्मिक विभाग को पत्र लिखकर इन अधिकारियों को दिल्ली भेजने की प्रक्रिया पूरी की है। ये अधिकारी चुनाव के दौरान:

चुनावी व्यय (Expenditure) की निगरानी करेंगे।

आदर्श आचार संहिता (MCC) के पालन को सुनिश्चित करेंगे।

संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे।

क्यों है यह भूमिका महत्वपूर्ण?

केंद्रीय पर्यवेक्षक चुनाव आयोग की 'आंख और कान' के रूप में काम करते हैं। वे सीधे आयोग को रिपोर्ट करते हैं और राज्य प्रशासन के हस्तक्षेप के बिना निर्णय लेने के लिए अधिकृत होते हैं।