UP PGT 2026 आवेदन में सुधार का सुनहरा मौका: फॉर्म में हो गई है गलती तो न लें टेंशन, जानें किन विवरणों में कर सकते हैं संशोधन और स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस
उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (PGT) बनने की तैयारी कर रहे लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी और बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) द्वारा यूपी पीजीटी भर्ती 2026 के ऑनलाइन आवेदन पत्रों में हुई मानवीय गलतियों को सुधारने के लिए आधिकारिक 'करेक्शन विंडो' (Application Correction Window) सक्रिय कर दी गई है। अक्सर जल्दबाजी, साइबर कैफे की लापरवाही या तकनीकी समझ के अभाव में अभ्यर्थी नाम की वर्तनी, जन्मतिथि, आरक्षण वर्ग, अंक प्रतिशत या विषय चयन में त्रुटि कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा बाद में दस्तावेज सत्यापन के समय अभ्यर्थन निरस्त होने के रूप में भुगतना पड़ता है। चयन बोर्ड ने ऐसे सभी पंजीकृत अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर देते हुए अपने विवरण की पुनः समीक्षा करने और आवश्यक संशोधन करने की मोहलत दी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में एक छोटी सी लिपिकीय त्रुटि भी सालों की कड़ी मेहनत पर पानी फेर सकती है। यूपी पीजीटी जैसी प्रतिष्ठित और कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली शिक्षक भर्ती में मेरिट सूची से लेकर अंतिम नियुक्ति तक हर एक विवरण का मिलान मूल प्रमाणपत्रों से किया जाता है। ऐसे में यदि आपके ऑनलाइन आवेदन पत्र में कोई भी जानकारी हाईस्कूल की अंकतालिका, डिग्री या आरक्षण प्रमाणपत्र से मेल नहीं खा रही है, तो चयन बोर्ड द्वारा दी गई इस निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार करना अनिवार्य है। करेक्शन विंडो बंद होने के बाद किसी भी ऑफलाइन प्रत्यावेदन या व्यक्तिगत अनुरोध पर बोर्ड द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।
यूपी पीजीटी 2026: किन-किन विवरणों में संशोधन की अनुमति है?
चयन बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सुरक्षा और डेटा अखंडता को ध्यान में रखते हुए केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों (Fields) में ही बदलाव की अनुमति दी जाती है। जिन विवरणों में अभ्यर्थी संशोधन कर सकते हैं, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
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शैक्षणिक योग्यता के विवरण: स्नातक (Graduation) और परास्नातक (Post Graduation) के प्राप्तांक, पूर्णांक, उत्तीर्ण वर्ष, बोर्ड/विश्वविद्यालय का नाम और प्रतिशत में हुई गलती को सुधारा जा सकता है।
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आरक्षण श्रेणी व उप-श्रेणी: ईडब्ल्यूएस (EWS), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या विशेष आरक्षण जैसे दिव्यांग (PwD), स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित (DFF) और पूर्व सैनिक वर्ग में सुधार किया जा सकता है।
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लिंग (Gender) एवं वैवाहिक स्थिति: यदि फॉर्म भरते समय पुरुष/महिला वर्ग या वैवाहिक स्थिति में कोई त्रुटि हो गई हो, तो उसे सही किया जा सकता है।
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पत्र-व्यवहार और स्थायी पता: पते के विवरण, पिन कोड और गृह जनपद (Home District) से जुड़ी विसंगतियों को दुरुस्त किया जा सकता है।
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फोटो और हस्ताक्षर का पुनः अपलोड: यदि पहले अपलोड की गई फोटो धुंधली है, निर्धारित आकार/बैकग्राउंड के अनुसार नहीं है या हस्ताक्षर साफ नहीं दिख रहे हैं, तो नया और स्पष्ट दस्तावेज अपलोड करने का अवसर मिलता है।
किन विवरणों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता?
चयन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मूल पहचान और पंजीकरण की मुख्य जानकारियों को पूरी तरह 'फ्रीज' रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या पहचान बदलने के प्रयास को रोका जा सके। अभ्यर्थी अपने मूल नाम, पिता के नाम, माता के नाम और पंजीकृत मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी में बुनियादी बदलाव नहीं कर सकेंगे, क्योंकि इन्हीं विवरणों के आधार पर प्रारंभिक वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और फीस भुगतान संपन्न हुआ था।
इसके अतिरिक्त, यदि किसी अभ्यर्थी ने पूरी तरह गलत विषय (Subject) का चयन कर दिया है, तो नियमों के आधार पर उसमें बदलाव की सीमाएं सीमित हो सकती हैं। आरक्षण वर्ग बदलने की स्थिति में यदि किसी आरक्षित वर्ग से अनारक्षित (General) वर्ग में बदलाव किया जाता है, तो अभ्यर्थी को दोनों श्रेणियों के बीच के अतिरिक्त आवेदन शुल्क के अंतर का ऑनलाइन भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि, यदि कोई सामान्य वर्ग से आरक्षित श्रेणी में जाता है, तो शुल्क का अतिरिक्त अंतर वापस नहीं किया जाता।
स्टेप-बाय-स्टेप समझें: यूपी पीजीटी फॉर्म में ऑनलाइन करेक्शन कैसे करें
आवेदन पत्र में सुधार करने की प्रक्रिया को अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पूरी तरह ऑनलाइन और सुगम रखा गया है:
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आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले चयन बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
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लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें: होमपेज पर उपलब्ध 'UP PGT 2026 Application Correction Window' के लिंक पर क्लिक करें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, पासवर्ड/जन्म तिथि और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज कर लॉगिन करें।
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ओटीपी सत्यापन: सुरक्षा कारणों से आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा, जिसे स्क्रीन पर दर्ज कर सत्यापित करना होगा।
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एडिट विकल्प चुनें: लॉगिन होने के बाद आपके सामने आपका पूरा आवेदन पत्र दिखाई देगा। जिस सेक्शन या फील्ड में त्रुटि है, वहां दिए गए 'Edit/Modify' बटन पर क्लिक कर सही जानकारी भरें।
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दस्तावेज पुनः अपलोड करें (यदि आवश्यक हो): यदि फोटो या हस्ताक्षर में समस्या थी, तो निर्धारित जेपीजी (JPG/JPEG) साइज और डाइमेंशन के अनुसार नई फाइल अपलोड करें।
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फाइनल सबमिट और प्रिंटआउट: सभी बदलावों को एक बार पुनः ध्यानपूर्वक जांच लें। संतुष्ट होने के बाद 'Final Submit' पर क्लिक करें। संशोधन के बाद जनरेट होने वाले अपडेटेड कन्फर्मेशन पेज का प्रिंटआउट निकालें और भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।
संशोधन करते समय इन तकनीकी बातों का रखें खास ख्याल
फॉर्म में सुधार करते समय अभ्यर्थियों को कुछ तकनीकी सावधानियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। करेक्शन प्रक्रिया हमेशा डेस्कटॉप, लैपटॉप या हाई-स्पीड इंटरनेट वाले साइबर कैफे से ही पूरी करें; मोबाइल फोन से फॉर्म एडिट करते समय ड्रॉपडाउन मेन्यू या फाइल अपलोड में तकनीकी रुकावट आ सकती है।
यह ध्यान रखें कि चयन बोर्ड आमतौर पर 'सिंगल करेक्शन चांस' देता है। इसका अर्थ यह है कि एक बार संशोधित फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट (Final Submit) कर देने के बाद आपको दोबारा बदलाव करने का मौका नहीं मिलेगा। इसलिए फाइनल सबमिट का बटन दबाने से पहले प्रत्येक कॉलम, स्पेलिंग और अंकों का मिलान अपनी मूल मार्कशीट से अक्षरशः कर लें। अंतिम दिन सर्वर पर भारी ट्रैफिक और लोड बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए समय सीमा समाप्त होने का इंतजार किए बिना आज ही अपने आवेदन पत्र की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन समय रहते पूरा कर लें।