अब बिना CAT दिए 12वीं के बाद सीधे आईआईएम में मिलेगा धमाकेदार एडमिशन
देश के सबसे प्रतिष्ठित और सपनों के शिक्षण संस्थानों यानी भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM) में दाखिला पाने के लिए हर साल लाखों छात्र कैट (CAT) परीक्षा की कठिन और लंबी तैयारी में अपनी रातों की नींद खराब करते हैं। हर इंजीनियरिंग या कॉमर्स के ग्रेजुएट्स का यह सपना होता है कि वह किसी तरह आईआईएम से एमबीए की डिग्री हासिल कर अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब आपको आईआईएम में एडमिशन पाने के लिए ग्रेजुएशन पूरी करने और कैट की कठिन बाधा को पार करने का इंतजार करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है? जी हाँ, देश के कई प्रमुख आईआईएम अब छात्रों को 12वीं कक्षा के तुरंत बाद सीधे अपने यहाँ प्रवेश का सुनहरा मौका दे रहे हैं। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने वाले होनहार छात्र अब बिना कैट परीक्षा दिए ही मैनेजमेंट की दुनिया में कदम रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस खास प्रोग्राम के तहत एडमिशन पाने की पूरी प्रक्रिया, योग्यता और इसके क्या बड़े फायदे हैं।
क्या है 12वीं के बाद IIM में एडमिशन का यह खास इंटीग्रेटेड प्रोग्राम?
भारतीय प्रबंधन संस्थानों द्वारा संचालित इस शानदार कोर्स को 'इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट' (IPM) यानी प्रबंधन में समेकित पाठ्यक्रम कहा जाता है। यह कोर्स कुल 5 साल का होता है, जो बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) और मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन होता है। इसका मतलब यह है कि छात्र जैसे ही अपनी 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास करते हैं, वे इस 5 वर्षीय प्रोग्राम में दाखिला ले सकते हैं। इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को ग्रेजुएशन के बाद दोबारा किसी एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करने या एमबीए में एडमिशन के लिए धक्के खाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। एक बार जब छात्र इस 5 साल के कोर्स में सेलेक्ट हो जाते हैं, तो उनकी ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रैजुएशन दोनों की डिग्री एक ही प्रतिष्ठित संस्थान से पूरी हो जाती है, जो उनके करियर को सीधे एक रॉकेट जैसी रफ्तार देती है।
कौन-कौन से प्रमुख IIM ऑफर करते हैं यह डायरेक्ट कोर्स और क्या है योग्यता?
देश के शुरुआती कुछ आईआईएम ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस एकीकृत पाठ्यक्रम की शुरुआत की थी, जो आज देश के सबसे लोकप्रिय कोर्सेज में शुमार हो चुका है। वर्तमान में आईआईएम इंदौर (IIM Indore), आईआईएम रोहतक (IIM Rohtak), आईआईएम रांची (IIM Ranchi), आईआईएम जम्मू (IIM Jammu) और आईआईएम बोधगया (IIM Bodh Gaya) जैसे देश के शीर्ष संस्थान 12वीं के बाद यह कोर्स ऑफर कर रहे हैं। इस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए पात्रता की बात करें तो छात्र को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा कम से कम 60 प्रतिशत अंकों (आरक्षित श्रेणियों के लिए नियमानुसार छूट) के साथ पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा, छात्रों की आयु सीमा भी निर्धारित की जाती है, जिसके तहत युवा छात्र ही इस परीक्षा में बैठने के पात्र माने जाते हैं।
एडमिशन की पूरी प्रक्रिया: कैसे होती है चयन प्रक्रिया और कौन सी परीक्षा देनी होती है?
चूंकि इस कोर्स में एडमिशन के लिए कैट परीक्षा की जरूरत नहीं होती, इसलिए आईआईएम खुद अपनी एक अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं या फिर विशेष एप्टीट्यूड टेस्ट के स्कोर को मान्यता देते हैं। उदाहरण के लिए, आईआईएम इंदौर अपना खुद का 'आईपीएमएटी' (IPMAT - IPM Aptitude Test) आयोजित करता है, जबकि आईआईएम रोहतक और अन्य संस्थान भी अपनी अलग परीक्षाएं करवाते हैं। इस प्रवेश परीक्षा में मुख्य रूप से मात्रात्मक योग्यता (Quantitative Aptitude), तार्किक तर्क (Logical Reasoning) और मौखिक क्षमता (Verbal Ability) से जुड़े बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाते हैं। लिखित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इसके बाद पर्सनल इंटरव्यू (PI) और वॉट (WAT) यानी रिटेन एबिलिटी टेस्ट के अगले चरण के लिए बुलाया जाता है।