फरीदकोट में सीएम भगवंत मान बोले, अब पंजाब सरकार सिफारिश नहीं
किसी भी राज्य की असली ताकत वहां की युवा पीढ़ी और छात्र होते हैं, जो भविष्य की नींव रखते हैं। पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में युवाओं को जोड़ने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक पहल देखने को मिली है। राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में अपने फरीदकोट दौरे के दौरान वहां के स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के साथ एक खुला और सीधा संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्रों के चेहरे पर गजब का उत्साह और चमक साफ देखी जा सकती थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केवल राजनीतिक मुद्दों पर बात करने के बजाय युवाओं के करियर, उनके सपनों, उनके संघर्षों और पंजाब के उज्जवल भविष्य को लेकर खुलकर चर्चा की। इस अनूठे संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर छिपी हुई प्रतिभा को बाहर निकालना और उन्हें यह विश्वास दिलाना था कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है ताकि वे अपनी मेहनत के दम पर आसमान छू सकें।
बड़े सपने देखें और कभी शॉर्टकट का सहारा न लें: सीएम मान का युवाओं को खास संदेश
छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेहद सरल और अपने आत्मीय अंदाज में जीवन के बड़े फलसफे साझा किए। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे कभी भी छोटे लक्ष्य न रखें, बल्कि अपने जीवन में बड़े से बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए अपने अंदर अटूट आत्मविश्वास पैदा करें। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और जो लोग मेहनत और ईमानदारी के रास्ते पर चलकर आगे बढ़ते हैं, उनकी सफलता स्थाई और गर्व करने योग्य होती है। मुख्यमंत्री ने अपने शुरुआती जीवन और संघर्षों के दिनों को याद करते हुए छात्रों को प्रेरित किया कि असफलता से डरने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि हर असफलता सीखने का एक नया अवसर होती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे नशे जैसी बुरी और विनाशकारी आदतों से दूर रहें और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए खेल, पढ़ाई और समाज सेवा में आगे बढ़ें, क्योंकि पंजाब की असली ताकत उसकी नौजवान पीढ़ी की ऊर्जा में ही निहित है।
योग्यता के आधार पर पारदर्शी सरकारी नौकरियां: मेरिट को दी जा रही है सर्वोच्च प्राथमिकता
युवाओं के सबसे बड़े सवालों और चिंताओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में रोजगार और सरकारी नौकरियों की व्यवस्था पर खुलकर बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद से प्रशासनिक और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता को सबसे ऊपर रखा गया है। पहले की सरकारों के दौर में युवाओं को नौकरी पाने के लिए सिफारिशों और घूसखोरी के चक्रव्यूह में फंसना पड़ता था, लेकिन मौजूदा सरकार ने 'योग्यता' (Merit) को ही चयन का एकमात्र पैमाना बना दिया है। आज पंजाब में गरीब से गरीब और साधारण परिवार का होनहार युवा भी बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के अपनी योग्यता के बल पर पंजाब सिविल सेवा, पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग जैसे उच्च पदों पर चयनित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि राज्य के युवाओं को अपनी ही धरती पर रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलें ताकि उन्हें रोजी-रोटी की तलाश में विदेश न भटकना पड़े। उन्होंने बताया कि अब तक हजारों योग्य युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरियां सौंपी जा चुकी हैं और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और मुख्यमंत्री सेहत योजना: हर नागरिक के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार
युवाओं और छात्रों के साथ इस संवाद के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। सरकार ने सरकारी स्कूलों की कायापलट करते हुए उन्हें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया है ताकि आम आदमी के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों जैसी उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति लाते हुए 'आम आदमी क्लीनिक' की स्थापना की गई है, जहां लोगों को मुफ्त और बेहतरीन इलाज मिल रहा है। इसके अलावा 'मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना' के माध्यम से लाखों परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जा रही है। अंत में मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता और गुरुओं का सम्मान करें, अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और एक सशक्त, प्रगतिशील व खुशहाल पंजाब के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।