स्टूडेंट और वर्क परमिट के आवेदनों पर IRCC के नए अपडेट से बढ़ी चिंता, जानें ताजा स्थिति
कनाडा में पढ़ाई करने या नौकरी करने का सपना देखने वाले अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों और कामगारों के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कनाडा की इमिग्रेशन एजेंसी 'इमिग्रेशन, रिफ्यूजीस एंड सिटीजनशिप कनाडा' (IRCC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों और अपडेट्स के मुताबिक, स्टडी परमिट और वर्क परमिट के आवेदनों पर फैसला आने का इंतजार अभी भी जस का तस बना हुआ है। हालांकि विभाग ने कुछ श्रेणियों में मामूली राहत के दावे किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आवेदकों को लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से भारत सहित कई प्रमुख देशों से आवेदन करने वाले युवाओं के लिए वीजा और परमिट का यह लंबा इंतजार उनके भविष्य की प्लानिंग पर भारी पड़ रहा है, जिससे छात्रों और वर्कर्स में गहरी चिंता देखने को मिल रही है।
#1 IRCC के नए अपडेट में क्या है परमिट और वीजा का हाल?
कनाडा के आव्रजन विभाग (IRCC) द्वारा जारी हालिया प्रोसेसिंग टाइम अपडेट के अनुसार, देश के भीतर और बाहर से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रतीक्षा समय (Waiting Time) में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। हालांकि विभाग ने कुछ श्रेणियों जैसे स्टडी परमिट एक्सटेंशन और वर्क परमिट एक्सटेंशन में एक-दो हफ्ते की मामूली कमी जरूर दर्ज की है, लेकिन नए आवेदकों के लिए स्थिति लगभग पहले जैसी ही बनी हुई है। देश के बाहर से आवेदन करने वाले छात्रों के लिए स्टडी परमिट का औसत समय और वर्क परमिट के लिए कई हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग रहा है। कनाडाई सरकार द्वारा लगातार लागू किए जा रहे सख्त आव्रजन नियमों और सालाना कैप (Capping) के कारण आवेदनों की बैकलॉग प्रक्रिया धीमी हो गई है।
#1 स्टूडेंट और फॉरेन वर्कर्स के सामने आ रही हैं भारी व्यावहारिक समस्याएं
वीजा और परमिट के इस लंबे इंतजार के कारण उन हजारों छात्र-छात्राओं काacademic session प्रभावित हो रहा है जिन्होंने कनाडाई यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में दाखिला ले लिया है। कई छात्रों की कक्षाएं ऑनलाइन शुरू हो चुकी हैं या फिर उन्हें अपनी ज्वाइनिंग डेट आगे बढ़ानी पड़ रही है, जिससे उनकी ट्यूशन फीस और रहने-खाने के खर्च का बजट गड़बड़ा रहा है। दूसरी ओर, वर्क परमिट का इंतजार कर रहे कामगारों और पोस्ट-ग्रेजुएट्स (PGWP) के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। परमिट रिन्यूअल या नए अप्रूवल में हो रही देरी के कारण कई प्रोफेशनल्स अपनी वर्तमान नौकरियां तक गंवाने की कगार पर पहुंच गए हैं, क्योंकि कनाडाई कानून के तहत एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन के बिना काम करना अवैध माना जाता है।
#1 आव्रजन नीतियों में बदलाव और सख्त कोटा प्रणाली का असर
कनाडा सरकार ने देश में आवास संकट, बढ़ती महंगाई और बुनियादी ढांचे पर दबाव को नियंत्रित करने के लिए पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अस्थायी विदेशी कामगारों के कोटे में भारी कटौती की है। IRCC की नई रणनीतिक योजनाओं के तहत हर साल आने वाले नए प्रवासियों की संख्या सीमित कर दी गई है, जिसका सीधा असर फाइल प्रोसेसिंग पर पड़ रहा है। जब तक आव्रजन लक्ष्य और कोटे की सीमाएं पूरी तरह स्पष्ट नहीं होतीं, तब तक विभागों पर आवेदनों का दबाव बना रहेगा। जानकारों का मानना है कि कनाडाई प्रशासन अब गुणवत्ता और संख्या दोनों मोर्चों पर अत्यधिक सतर्कता बरत रहा है, जिसके कारण दस्तावेजों के वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड चेक में अधिक समय लग रहा है।
#1 विशेषज्ञों की सलाह: आवेदन में सावधानी और सही समय पर तैयारी ही बचाव
इन तमाम प्रशासनिक अड़चनों और लंबे वेटिंग टाइम को देखते हुए इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने छात्रों और कामगारों को विशेष सलाह दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आवेदक किसी भी प्रकार की अंतिम टिकट बुकिंग या होटल रिजर्वेशन तब तक न करें जब तक उनके हाथ में आधिकारिक वीजा या परमिट न आ जाए। इसके अलावा, आवेदन करते समय सभी दस्तावेजों की सटीकता का विशेष ध्यान रखें ताकि किसी छोटी-सी कमी के कारण फाइल रिजेक्ट न हो या अतिरिक्त पूछताछ में हफ्तों और महीनों की देरी न जुड़े। आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से IRCC के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने केस की लाइव स्टेटस ट्रैक करते रहें।