Education Budget 2026 : शिक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक आवंटन 15,000 स्कूलों में खुलेंगे डिजिटल लैब, हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल

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News India Live, Digital Desk: केंद्रीय बजट 2026 में 'युवा शक्ति' को विकसित भारत का मुख्य आधार माना गया है। सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को केवल किताबों तक सीमित न रखकर इसे आधुनिक तकनीक और उद्योग (Industry) की जरूरतों से जोड़ने का मास्टरप्लान तैयार किया है। इस वर्ष स्कूल शिक्षा के लिए ₹83,562 करोड़ और उच्च शिक्षा के लिए ₹55,727 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

1. प्रमुख घोषणाएं: डिजिटल लर्निंग और क्रिएटिविटी पर जोर

सरकार ने उभरते हुए AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं:

15,000 स्कूलों में कंटेंट लैब: माध्यमिक विद्यालयों में क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए 15,000 लैब स्थापित की जाएंगी।

500 कॉलेजों में लैब: उच्च शिक्षण संस्थानों में भी 500 विशेष लैब बनाई जाएंगी ताकि युवा डिजिटल इकोनॉमी के लिए तैयार हो सकें।

AI और फ्यूचर स्किल्स: पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसे विषयों को शामिल करने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाया गया है।

2. उच्च शिक्षा और बुनियादी ढांचा: नए संस्थान और टाउनशिप

5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप: प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास 5 नई 'यूनिवर्सिटी टाउनशिप' विकसित की जाएंगी। ये टाउनशिप शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को खत्म करेंगी।

हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल: STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) विषयों में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाएगी।

नया NID: पूर्वी भारत में डिजाइन शिक्षा को गति देने के लिए एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) स्थापित किया जाएगा।

3. प्रमुख संस्थानों के लिए बजट का आवंटन

संस्थान/योजनाबजट 2026 (₹ करोड़)वृद्धि (%)
IITs (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान)₹12,123.00+6.82%
NITs (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान)₹6,260.00+10.07%
केन्द्रीय विश्वविद्यालय₹17,440.00+4.49%
UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग)₹3,709.00+11.18%
समग्र शिक्षा अभियान₹42,100.00+2.06%

4. कौशल विकास (Skill Development): ₹9,885 करोड़ का बूस्ट

कौशल विकास मंत्रालय के बजट में 62% की भारी वृद्धि की गई है।

PM-SETU योजना: ITI संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए ₹6,140 करोड़ का प्रावधान।

हेल्थकेयर स्किल्स: अगले 5 वर्षों में 1 लाख 'एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स' (रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया आदि) तैयार किए जाएंगे।

टूरिज्म गाइड्स: IIM की मदद से 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को अपस्किल किया जाएगा।

5. विदेश में पढ़ाई हुई सस्ती

छात्रों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में, विदेश में शिक्षा और चिकित्सा के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS (Tax Collected at Source) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्राप्त करना पहले के मुकाबले सस्ता होगा।