औरैया अग्निकांड बीड़ी की एक चिंगारी और सब कुछ खाकझोपड़ी में लगी भीषण आग, जिंदा जला दिव्यांग युवक
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र के घसारा गांव में रविवार देर रात एक भीषण हादसा हो गया। यहाँ बीड़ी सुलगाने के दौरान निकली एक मामूली चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे एक गरीब की झोपड़ी धू-धू कर जल उठी। इस दर्दनाक हादसे में झोपड़ी के भीतर सो रहे 22 वर्षीय दिव्यांग युवक की जलकर मौत हो गई। जब तक ग्रामीण और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँचती, तब तक युवक का शरीर पूरी तरह झुलस चुका था।
कैसे हुआ हादसा? (The Incident)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक युवक गोविंद (22 वर्ष) जन्म से ही दिव्यांग था और अपने पैरों से चल-फिर पाने में असमर्थ था। रविवार की रात वह अपनी झोपड़ी में अकेला सो रहा था।
लापरवाही की भारी कीमत: बताया जा रहा है कि झोपड़ी के पास ही बीड़ी सुलगाई गई थी या संभवतः बीड़ी की अधजली तीली फूस की छत पर गिर गई।
विकराल आग: देखते ही देखते सूखी घास और फूस से बनी झोपड़ी ने आग पकड़ ली। चूंकि रात का समय था और हवा चल रही थी, आग ने चंद मिनटों में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
दिव्यांगता बनी काल: नहीं भाग सका बाहर
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह था कि गोविंद अपनी जान बचाने के लिए बाहर नहीं भाग सका। पैरों से लाचार होने के कारण वह बिस्तर पर ही फंसा रह गया और चीखता-चिल्लाता रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने आग बुझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
मौके पर पहुँची पुलिस और प्रशासन
सूचना मिलते ही अछल्दा थाना पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँची।
शव का पंचनामा: पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और झुलसे हुए शव को बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मुआवजे की मांग: पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे अपना जीवन दोबारा शुरू कर सकें।
सावधानी ही सुरक्षा है (Safety Alert)
प्रशासन ने इस घटना के बाद ग्रामीणों से अपील की है कि वे फूस की झोपड़ियों के आसपास ज्वलनशील चीजें, बीड़ी-सिगरेट या जलता हुआ चूल्हा खुला न छोड़ें। सर्दियों के मौसम में ऐसी घटनाएं अक्सर लापरवाही के कारण बढ़ जाती हैं।