सीएम योगी के जनता दरबार में गूंजी नन्ही परी की कविता, खुश होकर मुख्यमंत्री ने तुरंत कराया स्कूल में एडमिशन
News India Live, Digital Desk: गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित 'जनता दर्शन' के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने 'कठोर' दिखने वाले प्रशासन के मानवीय चेहरे को सामने ला दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, तभी एक छोटी सी बच्ची अपनी मां के साथ अपनी फरियाद लेकर उनके सामने आई। लेकिन समस्या बताने के बजाय, बच्ची ने मुख्यमंत्री को अपनी लिखी एक कविता सुनाने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने भी मुस्कुराते हुए उसे अनुमति दी, और फिर जो हुआ उसने सबका दिन बना दिया।
नन्ही प्रतिभा ने मोह लिया 'महाराज' का मन
जैसे ही बच्ची ने आत्मविश्वास के साथ अपनी कविता की पंक्तियां सुनाना शुरू किया, वहां सन्नाटा पसर गया और खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ टकटकी लगाकर उसे सुनने लगे।
कविता का जादू: बच्ची की आवाज और उसके शब्दों के चयन ने मुख्यमंत्री को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दिलाया दुलार: कविता खत्म होते ही मुख्यमंत्री ने न केवल बच्ची को शाबाशी दी, बल्कि उसे दुलारते हुए चॉकलेट भी भेंट की।
मुख्यमंत्री का त्वरित एक्शन: 'शिक्षा में न आए कोई बाधा'
बच्ची की मां ने मुख्यमंत्री को बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बच्ची की स्कूल की पढ़ाई और एडमिशन में दिक्कतें आ रही हैं। प्रतिभाशाली बच्ची की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने तुरंत मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया।
तुरंत एडमिशन के आदेश: सीएम योगी ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि बच्ची का एडमिशन शहर के प्रतिष्ठित स्कूल में कराया जाए और उसकी पूरी पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों को हिदायत: उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
जनता दर्शन में उमड़ी भारी भीड़
इस भावुक पल के अलावा, मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए लगभग 400 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनीं।
स्वास्थ्य सहायता: गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए मुख्यमंत्री ने तुरंत इस्टीमेट मंगवाकर सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया।
जमीन विवाद: राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में उन्होंने पारदर्शी जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।