आलीशान सोफा और फाइव स्टार जैसी सुख सुविधाएं, पर राबड़ी देवी के बंगले पर लटकी ED की तलवार
News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में जुबानी जंग कभी ठंडी नहीं पड़ती, लेकिन इस बार मामला थोड़ा ज्यादा गर्म हो गया है। चर्चा के केंद्र में है पटना के महुआ बाग में बना लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का एक बेहद आलीशान बंगला (Palatial Bungalow)।
कहते हैं कि अपना घर बनाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन जब बात राजनीति के दिग्गजों की हो, तो ईंट-पत्थर के साथ-साथ आरोप-प्रत्यारोप भी जुड़ ही जाते हैं। बीजेपी ने इस नए घर को लेकर लालू परिवार पर बड़ा हमला बोला है।
"महल जैसा घर और सवालों का घेरा"
अगर आप पटना के सियासी गलियारों की ख़बर रखते हैं, तो आपने सुना होगा कि दानापुर के महुआ बाग में राबड़ी देवी का एक बहुत बड़ा और भव्य मकान बना है। देखने वाले बताते हैं कि यह किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है। इसमें ऐशो-आराम की सारी सुविधाएं मौजूद हैं।
लेकिन बीजेपी ने सवाल खड़ा किया है कि "आखिर इसका पैसा आया कहां से?"
बीजेपी के प्रवक्ताओं का सीधा आरोप है कि यह घर मेहनत की कमाई का नहीं, बल्कि उसी चर्चित 'लैंड फॉर जॉब' (Land for Job Scam) घोटाले के पैसे से बना है।
बीजेपी की सीधी चेतावनी: "ये घर नहीं टिकेगा"
बीजेपी ने दबी जुबान में नहीं, बल्कि डंके की चोट पर कहा है कि यह बंगला भी उसी रास्ते जाएगा जहाँ लालू परिवार की बाकी संपत्तियां गई हैं—यानी ED (प्रवर्तन निदेशालय) की जब्ती में।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब जिन लोगों से 'जमीन के बदले नौकरी' ली गई थी, उन्हीं जमीनों और काले धन को घुमा-फिराकर इस 'शीश महल' में लगाया गया है। बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा है कि, "कुछ दिन और इस शानो-शौकत का मज़ा ले लीजिए, क्योंकि बहुत जल्द इस गेट पर ED का नोटिस चस्पा होने वाला है।"
पुराने जख्म फिर हरे हुए
आपको याद होगा कि लैंड फॉर जॉब मामले में तेजस्वी यादव और मीसा भारती से लेकर पूरे परिवार पर एजेंसियां जांच कर रही हैं। बीजेपी का कहना है कि भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ी इमारत ज्यादा दिन टिक नहीं सकती। उनका दावा है कि जांच की आंच अब इस नए बंगले तक भी पहुंच चुकी है और जल्द ही कानून अपना काम करेगा।
जनता क्या सोच रही है?
बिहार की जनता इस तमाशे को बड़े गौर से देख रही है। एक तरफ आरजेडी समर्थकों का कहना है कि विरोधियों को लालू जी की तरक्की पच नहीं रही, इसलिए वे बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ लोग यह भी सोच रहे हैं कि अगर वाकई ED ने एंट्री मारी, तो एक और बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिलेगा।
फिलहाल, महुआ बाग का यह बंगला पटना में 'सेल्फी पॉइंट' कम और 'सियासी पॉइंट' ज्यादा बन गया है।