सड़े हुए फल का साफ हिस्सा खाना पड़ सकता है भारी ,जानें क्यों जहरीला हो सकता है आपका पसंदीदा फल

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News India Live, Digital Desk : अक्सर हम फल का थोड़ा सा हिस्सा सड़ने या काला पड़ने पर उसे काटकर फेंक देते हैं और बाकी बचा हुआ 'साफ' हिस्सा मजे से खा लेते हैं। हमें लगता है कि हमने पैसे बचा लिए और खाना बर्बाद होने से रोक लिया। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि वह साफ दिखने वाला हिस्सा आपकी सेहत के लिए कितना सुरक्षित है?

फिजिशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. भानु मिश्रा के अनुसार, फल का वह हिस्सा जो आपको बिल्कुल ठीक दिख रहा है, असल में वह एक धीमा जहर हो सकता है। आइए समझते हैं इसके पीछे का विज्ञान।

क्या कहता है विज्ञान? (The Hidden Danger)

फल पर दिखने वाला काला धब्बा या फंगस सिर्फ "आइसबर्ग की टिप" जैसा है। असली खतरा फल के अंदर छिपा होता है, जिसे 'मायसेलियम' (Mycelium) कहते हैं।

अदृश्य जड़ें: ये फंगस की ऐसी बारीक जड़ें होती हैं जो पूरे फल के अंदर मकड़ी के जाले की तरह फैल जाती हैं। जब आप काला हिस्सा काटते हैं, तो आप सिर्फ ऊपरी धब्बा हटाते हैं, जबकि जहर अंदर मौजूद रहता है।

मायकोटॉक्सिन्स (Mycotoxins): फंगस एक जहरीला केमिकल छोड़ते हैं जिसे मायकोटॉक्सिन्स कहते हैं। सबसे डरावनी बात यह है कि यह जहर फल को उबालने या पकाने से भी खत्म नहीं होता।

कौन सा फल कब बन जाता है 'जहर'?

डॉ. मिश्रा के अनुसार, सभी फलों को एक ही तराजू में नहीं तौला जा सकता। इसके लिए फलों को दो श्रेणियों में बांटा गया है:

1. सॉफ्ट और जूसी फल (High Risk)

उदाहरण: संतरा, अंगूर, आड़ू, टमाटर, खीरा और स्ट्रॉबेरी।

खतरा: इनमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे फंगस के टॉक्सिन्स सेकंड्स में पूरे फल में फैल जाते हैं। अगर इनमें जरा सी भी सड़न दिखे, तो इसे पूरा फेंक देना ही समझदारी है।

2. हार्ड फल और सब्जियां (Lower Risk)

उदाहरण: सेब, गाजर, शिमला मिर्च या पत्तागोभी।

खतरा: इनकी बनावट घनी (Dense) होती है, इसलिए फंगस को अंदर घुसने में वक्त लगता है। इनका साफ हिस्सा सावधानी के साथ खाया जा सकता है।

अपनाएं '1-इंच रूल' (The 1-Inch Rule)

अगर आप हार्ड फलों (जैसे सेब) का साफ हिस्सा इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स 1-इंच रूल की सलाह देते हैं:

जहाँ सड़न है, सिर्फ उसे न काटें।

सड़े हुए हिस्से के चारों तरफ से 1 इंच एक्स्ट्रा साफ हिस्सा भी काटकर फेंक दें।

सावधानी: सड़ा हुआ हिस्सा काटने के बाद चाकू को अच्छी तरह धोएं, तभी साफ हिस्से को छुएं। वरना चाकू के जरिए इन्फेक्शन फैल सकता है।

सड़े फल खाने के गंभीर खतरे

यदि आप लगातार ऐसे फल खाते हैं, तो शरीर में मायकोटॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिसके परिणाम घातक हो सकते हैं:

तत्काल प्रभाव: उल्टी, दस्त, फूड पॉइजनिंग और पेट में तेज दर्द।

दीर्घकालिक प्रभाव: कमजोर इम्यूनिटी, किडनी की समस्या और लिवर कैंसर का खतरा।

किन्हें है ज्यादा खतरा: बच्चे और बुजुर्ग, क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है