सर्दियों में परांठे और पकौड़े जमकर खाएं बस ये एक काम कर लें, एसिडिटी और गैस कभी पास नहीं आएगी

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News India Live, Digital Desk : सर्दियों का मौसम मतलब खाने-पीने का मौसम गर्मागर्म परांठे, गाजर का हलवा, और घी में डूबे लड्डू नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। ठंड में हमारी भूख (Appetite) तो बढ़ जाती है, लेकिन हम एक बहुत बड़ी गलती कर बैठते हैं। हम भारी खाना तो खा लेते हैं, लेकिन पानी कम पीते हैं और ठंड की वजह से चलते-फिरते भी कम हैं।

नतीजा? पेट में गैस, भारीपन, खट्टी डकारें और सीने में जलन (Acidity)।

अगर आप भी इन दिनों "इन्नो" या गैस की गोली ढूंढते फिर रहे हैं, तो जरा ठहरिए। आयुर्वेद के पास आपकी इस परेशानी का बहुत सस्ता और कारगर इलाज है, और मजे की बात ये है कि वो सब कुछ आपकी रसोई में मौजूद है।

1. अजवाइन: गैस का जानी-दुश्मन
हमारे बड़े-बुजुर्ग यूं ही नहीं कहते थे कि पेट दर्द हो तो 'अजवाइन' खा लो। यह गैस की रामबाण दवा है।

  • कैसे खाएं: थोड़ा सा अजवाइन (Ajwain) लें, उसमें चुटकी भर काला नमक मिलाएं और गर्म पानी के साथ फांक लें। 10-15 मिनट में ही पेट का भारीपन हल्का लगने लगेगा।

2. जीरा पानी: हाजमे का दोस्त
जीरा हर सब्जी में पड़ता है, लेकिन यह दवा का काम भी करता है। यह पेट की जलन को शांत करता है।

  • नुस्खा: एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए या रंग बदल ले, तो उसे छानकर चाय की तरह धीरे-धीरे पिएं। यह एसिडिटी को जड़ से काट देता है।

3. सौंफ: पेट को दे ठंडक
अक्सर रेस्टोरेंट में खाने के बाद सौंफ (Fennel Seeds) दी जाती है, ये सिर्फ माउथ फ्रेशनर नहीं है। सौंफ खाने को पचाने में मदद करती है। खाना खाने के बाद एक चम्मच सौंफ चबा-चबा कर खाएं। इससे सीने की जलन में बहुत आराम मिलता है।

4. अदरक: सिर्फ चाय के लिए नहीं है
सर्दियों में अदरक वाली चाय तो सब पीते हैं, लेकिन अगर गैस परेशान कर रही है, तो अदरक का एक छोटा टुकड़ा चबाएं या अदरक का रस शहद के साथ लें। यह पेट की सूजन को कम करता है।

5. गुनगुना पानी (सबसे जरूरी)
सर्दियों में हम ठंडा पानी पीने से बचते हैं और प्यास मार लेते हैं। यह एसिडिटी का सबसे बड़ा कारण है। दिन भर हल्का गुनगुना पानी (Warm Water) पीते रहें। यह पेट की नसों को रिलैक्स रखता है और खाना आसानी से पच जाता है।

एक छोटी सी सलाह
खाना खाने के तुरंत बाद रजाई में घुसकर लेटें नहीं। कम से कम 100 कदम (Vajrasana या Walk) जरूर चलें। थोड़ी सी सावधानी आपको दवाओं से दूर रखेगी और आप सर्दियों के जायके का पूरा लुत्फ उठा पाएंगे!