E27 & E30 Fuel: पेट्रोल की टेंशन होगी खत्म! 2026 से लागू होगा 30% इथेनॉल वाला नया ईंधन; जानें आपकी कार और जेब पर क्या होगा असर
नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश की ऊर्जा नीति को एक नई और हरित (Green) दिशा देने के लिए कमर कस ली है। वर्ष 2026 से देश के चुनिंदा हिस्सों में E27 और E30 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को चरणबद्ध तरीके से पेश करने की तैयारी है। वर्तमान में उपयोग हो रहे E10 और E20 ईंधन के मुकाबले यह नया मिश्रण न केवल प्रदूषण को कम करेगा, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता को भी काफी हद तक घटा देगा। हालांकि, यह बदलाव वाहन मालिकों और ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए नई चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ रहा है।
क्या है E27 और E30 ईंधन का गणित?
आसान भाषा में समझें तो E27 का मतलब है ऐसा पेट्रोल जिसमें 27% इथेनॉल मिला हो, और E30 में यह मात्रा 30% होगी। इथेनॉल एक जैव-ईंधन (Bio-fuel) है जो गन्ना, मक्का और कृषि अवशेषों से तैयार किया जाता है।
पर्यावरण हितैषी: यह पेट्रोल की तुलना में अधिक स्वच्छ तरीके से जलता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आती है।
अर्थव्यवस्था को लाभ: इसका सीधा फायदा देश के किसानों को मिलेगा, क्योंकि ईंधन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति सीधे खेतों से होगी।
ईंधन का सफर: E10 से E30 तक का अंतर
| ईंधन प्रकार | इथेनॉल % | वर्तमान स्थिति (2026) | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| E10 | 10% | पूरे देश में उपलब्ध | प्रारंभिक मिश्रण लक्ष्य |
| E20 | 20% | अधिकांश राज्यों में लागू | तेल आयात में कटौती |
| E27 | 27% | 2026 से चरणबद्ध शुरुआत | प्रदूषण में और कमी |
| E30 | 30% | परीक्षण और सीमित उपयोग | स्वच्छ ऊर्जा का बड़ा लक्ष्य |
वाहन मालिकों पर क्या होगा असर?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। क्या आपकी मौजूदा कार या बाइक E30 ईंधन पर चल पाएगी?
इंजन संगतता (Compatibility): पुराने वाहन सीधे तौर पर इस उच्च मिश्रण के लिए तैयार नहीं हैं। इसके लिए विशेष 'फ्लेक्स-फ्यूल' (Flex-Fuel) इंजन की आवश्यकता होती है।
माइलेज में बदलाव: चूंकि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से थोड़ी कम होती है, इसलिए माइलेज में 3% से 5% की हल्की गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि, सरकार इस कमी को पूरा करने के लिए ईंधन की कीमतों को संतुलित कर सकती है।
वारंटी का ध्यान: उच्च इथेनॉल वाला ईंधन इस्तेमाल करने से पहले निर्माता कंपनी की सलाह लेना जरूरी होगा, ताकि इंजन के रबर और प्लास्टिक पार्ट्स को नुकसान न पहुंचे।
2026 में लागू करने का मास्टर प्लान
सरकार की योजना के अनुसार, 2026 में E27 और E30 को सीधे पूरे देश में नहीं फैलाया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट: शुरुआत में इन्हें कुछ बड़े शहरों के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराया जाएगा।
निगरानी: तेल कंपनियां ईंधन की गुणवत्ता और इंजनों पर इसके प्रभाव की लगातार मॉनिटरिंग करेंगी।
वाहन निर्माण: ऑटो कंपनियों को अब ऐसे इंजन बनाने के निर्देश दिए गए हैं जो उच्च इथेनॉल मिश्रण को आसानी से झेल सकें।
उपभोक्ताओं के लिए विशेष सुझाव
चेक करें स्टिकर: अपनी कार या बाइक के फ्यूल कैप पर देखें कि वह किस ईंधन (E10, E20) के लिए अनुकूल है।
अधिकृत पंप: हमेशा भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ही ईंधन लें ताकि मिलावट का खतरा न रहे।
सर्विसिंग: यदि आप उच्च इथेनॉल ईंधन का उपयोग शुरू करते हैं, तो इंजन ऑयल और फिल्टर की जांच समय पर करवाते रहें।