EPFO Pension Hike: कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! न्यूनतम पेंशन ₹1000 से बढ़ाकर ₹5000 करने की तैयारी, जानें किसे मिलेगा लाभ
नई दिल्ली। देश के करोड़ों निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए वर्ष 2026 एक बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अंतर्गत आने वाली 'कर्मचारी पेंशन योजना' (EPS) में सरकार एक क्रांतिकारी बदलाव करने पर विचार कर रही है। लंबे समय से चल रही मांगों को देखते हुए, न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹1000 से बढ़ाकर ₹5000 करने का प्रस्ताव चर्चा के अंतिम चरण में है। यदि इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी मिलती है, तो रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन जीने की उम्मीद कर रहे लाखों बुजुर्गों के लिए यह एक बड़ा सहारा साबित होगा।
महंगाई के दौर में ₹1000 की पेंशन: एक बड़ी चुनौती
वर्तमान में ईपीएफओ के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन मात्र ₹1000 प्रति माह है। आज के समय में, जब दवाइयों और खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं, इतनी कम राशि में गुजारा करना लगभग असंभव है। कई पेंशनभोगियों को केवल ₹1000 से ₹1500 के बीच पेंशन मिलती है, जो उनके पूरे जीवन के श्रम के बदले में बेहद कम मानी जाती है। इसी विसंगति को दूर करने के लिए कर्मचारी संगठन और विशेषज्ञ लंबे समय से न्यूनतम सीमा बढ़ाने की वकालत कर रहे थे।
[Image showing current ₹1000 vs proposed ₹5000 minimum pension comparison]
पेंशन में 5 गुना वृद्धि: क्या है सरकार का प्लान?
प्रस्तावित सुधारों के अनुसार, सरकार ईपीएस (EPS-95) के ढांचे में बदलाव करने जा रही है।
न्यूनतम पेंशन: ₹1000 की वर्तमान सीमा को सीधे ₹5000 किया जा सकता है।
वित्तीय सुरक्षा: इस वृद्धि से विशेष रूप से उन कम वेतन वाले कर्मचारियों को लाभ होगा जिन्होंने अपनी सेवा के 30-35 वर्ष देश के औद्योगिक विकास में लगाए हैं।
सम्मानजनक जीवन: ₹5000 की राशि से बुजुर्ग अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे दवाइयां और पोषण, को किसी पर निर्भर रहे बिना पूरा कर सकेंगे।
किसे मिलेगा इस बदलाव का सीधा लाभ?
इस ऐतिहासिक फैसले का लाभ ईपीएफओ के दायरे में आने वाले उन सभी कर्मचारियों को मिलेगा जो ईपीएस-95 योजना के सदस्य हैं।
निचला वेतन वर्ग: इस वृद्धि का सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव उन श्रमिकों पर पड़ेगा जिनकी बेसिक सैलरी कम रही है और जिनकी पेंशन गणना वर्तमान में ₹1000 के आसपास अटक जाती है।
सेवारत कर्मचारी: जो कर्मचारी अभी नौकरी में हैं, उनके लिए भी यह भविष्य की एक बड़ी सुरक्षा गारंटी होगी।
वरिष्ठ नागरिक: वर्तमान में पेंशन ले रहे लाखों बुजुर्गों के बैंक खातों में भी संशोधित राशि पहुंचने की उम्मीद है।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा किसी भी विकसित राष्ट्र की नींव होती है। ₹1000 की पेंशन आज के दौर में न केवल अपर्याप्त है, बल्कि यह कर्मचारी के योगदान के साथ न्याय भी नहीं करती। ₹5000 की न्यूनतम सीमा तय होने से न केवल बुजुर्गों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी नकदी का प्रवाह सुधरेगा।
अगला कदम: आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार
बता दें कि यह प्रस्ताव फिलहाल अनुमोदन (Approval) की प्रक्रिया में है। केंद्रीय श्रम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच इस पर अंतिम सहमति बनने के बाद कैबिनेट की मुहर लगेगी। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में सकारात्मक संकेत मिलना ही करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है।