दुबई बना घोस्ट टाउन युद्ध के डर से रईसों ने छोड़ा रेगिस्तानी शहर, पीछे रह गए लाखों मजबूर भारतीय मजदूर
News India Live, Digital Desk: जो शहर अपनी चकाचौंध, गगनचुंबी इमारतों और 'कभी न सोने वाली' नाइटलाइफ के लिए जाना जाता था, आज वहां सन्नाटा पसरा है। पश्चिम एशिया (West Asia) में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने दुबई की तस्वीर बदल दी है। कल तक दुनिया का सबसे सुरक्षित 'सेफ हेवन' माना जाने वाला यह शहर अब एक खाली रेगिस्तान जैसा नजर आने लगा है।
अमीरों का पलायन: चार्टर्ड फ्लाइट्स और पालतू जानवरों की बेबसी
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, दुबई में रहने वाले रईस एक्सपैट्स (विदेशी निवासी) और पश्चिमी देशों के पर्यटक बड़ी संख्या में शहर छोड़कर भाग रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि:
चार्टर्ड फ्लाइट्स की होड़: रईस लोग भारी भरकम रकम चुकाकर निजी विमानों से अपने देशों को लौट रहे हैं।
सड़कों पर सन्नाटा: जुमेराह बीच (Jumeirah Beach), बीच क्लब और लग्जरी रेस्तरां पूरी तरह सुनसान पड़े हैं।
बेबस पालतू जानवर: शहर छोड़ने की जल्दबाजी में कई लोग अपने पालतू जानवरों को सड़कों या शेल्टर होम में छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
फंस गए 'ब्लू कॉलर' वर्कर: भारत, पाकिस्तान और नेपाल के लाखों मजदूर बेबस
दुबई की इस 'खाली' होती तस्वीर का सबसे स्याह पहलू वे लाखों मजदूर हैं, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए यहाँ फंसे हुए हैं।
कोई विकल्प नहीं: जहां अमीर फ्लाइट लेकर निकल गए, वहीं भारत, पाकिस्तान और नेपाल के टैक्सी ड्राइवर, कंस्ट्रक्शन वर्कर और होटल कर्मचारी यहीं रुकने को मजबूर हैं।
आर्थिक मार: पर्यटन धड़ाम होने से इन मजदूरों की कमाई बंद हो गई है। कई फैक्ट्रियां बंद हैं और कामगारों को बिना वेतन छुट्टी पर भेज दिया गया है।
वतन वापसी की चिंता: उड़ानों की भारी कमी और टिकटों के आसमान छूते दामों के कारण ये मजदूर चाहकर भी अपने घर नहीं लौट पा रहे हैं।