राजस्थान में सर्दी का डबल अटैक कोहरे ने कोटा में कराया एक्सीडेंट, तो माउंट आबू में जम गई बर्फ
News India Live, Digital Desk : राजस्थान में सर्दी अब सिर्फ़ सुहानी नहीं रही, बल्कि खतरनाक होती जा रही है। 3 जनवरी की सुबह ने प्रदेश के लोगों को दो बड़ी बुरी खबरें दीं। एक तरफ कोहरे ने लोगों को एक्सीडेंट का शिकार बनाया, तो दूसरी तरफ हड्डी गलाने वाली ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया।
कोटा-झालावाड़ हाईवे: जब धुंध बनी मुसीबत
सबसे पहले बात करते हैं उस हादसे की जिसने सबको हिला दिया। कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर आज सुबह घना कोहरा छाया हुआ था। विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम थी कि कुछ मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो रहा था। इसी "सफेद अंधेरे" में मंडाना थाना क्षेत्र के पास एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
चश्मदीदों के मुताबिक, ड्राइवर को कोहरे की वजह से आगे का अंदाज़ा नहीं लगा। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यात्रियों में दहशत फैल गई। सुबह-सुबह सफर करने वालों के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है कि अगर ज़रूरी न हो, तो कोहरे छंटने का इंतज़ार करें।
माउंट आबू: 0 डिग्री का टॉर्चर
उधर, पहाड़ों की रानी माउंट आबू का हाल तो और भी बुरा है। वहाँ सर्दी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। पारा लुढ़ककर सीधे 0 डिग्री (Zero Degree) पर आ गया है। ठंड का आलम यह है कि गाड़ियों के शीशों पर, पेड़-पौधों पर और खुले में रखे पानी पर बर्फ की परत जम गई है। लोग अलाव के सहारे दिन काट रहे हैं। सुबह की सैर पर निकले लोगों को भी कांपते हुए देखा गया।
पूरे राजस्थान का यही हाल
सिर्फ कोटा या माउंट आबू ही नहीं, पूरा राजस्थान शीतलहर की चपेट में है। शेखावाटी का इलाका (सीकर, चूरू) भी थर-थर कांप रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है कि कोहरा और बढ़ सकता है।
हमारी सलाह
- हाईवे पर सावधानी: अगर आप हाईवे पर ड्राइव कर रहे हैं, तो फॉग लाइट जलाएं और स्पीड 40-50 से ऊपर न रखें।
- गर्म कपड़े: माउंट आबू जैसी जगहों पर जा रहे हैं, तो तैयारी पूरी रखें। यह "गुलाबी ठंड" नहीं, "जमने वाली ठंड" है।
अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें, क्योंकि मौसम अभी रहम खाने के मूड में नहीं है!