खाटू श्याम जी में दर्शन करने गए भक्त सहम गए, प्रसाद बेचने वालों ने मंदिर के बाहर मचा दिया कोहराम
News India Live, Digital Desk : हम और आप खाटू श्याम जी क्यों जाते हैं? बाबा के दर्शन करने, मन की शांति पाने और जीवन की भागदौड़ से कुछ पल सुकून के चुराने। लेकिन जरा सोचिए, आप भक्ति भाव में लीन होकर लाइन में खड़े हों या प्रसाद खरीद रहे हों, और अचानक वहां "मारो-मारो" की आवाजें आने लगें!
ऐसा ही कुछ हुआ राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम जी (Khatu Shyamji) में। वहाँ आस्था के केंद्र पर दुकानदारों की आपसी लड़ाई ने भक्तों के पसीने छुड़ा दिए।
आखिर हुआ क्या था?
बताया जा रहा है कि मामला प्रसाद की दुकानों का है। अक्सर हम देखते हैं कि दुकानदार ग्राहकों (भक्तों) को अपनी दुकान पर बुलाने के लिए होड़ लगाते हैं। "भैया, यहाँ से ले लो, सस्ता मिलेगा"—ऐसी आवाजें आम हैं। लेकिन इस बार यह कॉम्पिटिशन 'गैंगवार' में बदल गया।
खबरों के मुताबिक, प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों के दो गुट आपस में बुरी तरह भिड़ गए। बात सिर्फ तू-तू, मैं-मैं तक नहीं रुकी, बल्कि नौबत लाठी-डंडों तक आ गई। एक-दूसरे पर जमकर वार किए गए।
भक्तों में मच गई अफरातफरी
सबसे बुरा हाल उन श्रद्धालुओं का हुआ जो वहां मौजूद थे। लड़ाई इतनी भयानक थी कि मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति (Panic) बन गई।
- महिलाएं और बच्चे डर के मारे चीखने लगे।
- दुकानों का सामान बिखर गया।
- जो लोग प्रसाद खरीदने रुके थे, वो जान बचाकर दूर भागने लगे।
भक्तों का कहना था कि वे इतनी दूर से दर्शन करने आए थे, लेकिन ऐसा नजारा देखकर उनका मन खट्टा हो गया। एक पवित्र स्थान पर इस तरह की हिंसा शोभा नहीं देती।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद पुलिसकर्मी और होमगार्ड के जवान दौड़े। उन्होंने बड़ी मुश्किल से लड़ने वालों को अलग किया और मामला शांत करवाया। इस मारपीट में कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है और सख्त कार्रवाई की बात कही है।
हमारी सोच
दोस्तों, मंदिर के आसपास रोजगार करना अच्छी बात है, लेकिन लालच या आपसी रंजिश में श्रद्धालुओं की जान खतरे में डालना कहाँ का इन्साफ है? ऐसी घटनाओं से धर्मनगरी की बदनामी होती है। प्रशासन को भी चाहिए कि प्रसाद की दुकानों और लपकों (Customers खींचने वालों) पर सख्त लगाम लगाए ताकि भविष्य में बाबा के भक्तों को ऐसे डर के माहौल से न गुजरना पड़े।