डोनाल्ड ट्रंप का सनसनीखेज दावा परमाणु युद्ध की कगार पर थे भारत-पाकिस्तान, ट्रंप ने फिर दोहराई महाविनाश की वो कहानी

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News India Live, Digital Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी चर्चित भविष्यवाणी और दावों से दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने एक हालिया बयान में दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप से पहले भारत और पाकिस्तान एक भीषण परमाणु युद्ध (Nuclear War) के बेहद करीब पहुंच गए थे। ट्रंप के इस बयान ने दक्षिण एशिया सहित पूरी दुनिया के रणनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

"सबसे खतरनाक जगह थी दक्षिण एशिया"

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि जब उन्होंने कार्यभार संभाला था (अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए), तब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध अब तक के सबसे खराब दौर में थे। उन्होंने कहा, "लोग नहीं जानते कि वे परमाणु युद्ध के कितने करीब थे, लेकिन मैंने बीच-बचाव किया और स्थिति को संभाला।" ट्रंप अक्सर खुद को एक 'डील मेकर' के रूप में पेश करते हैं और उनका यह दावा इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

ट्रंप के दावों के पीछे का सच क्या है?

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा कहा हो। इससे पहले भी वह बालाकोट एयरस्ट्राइक और आर्टिकल 370 के हटाए जाने के समय उपजे तनाव का जिक्र कर चुके हैं। हालांकि:

भारत का रुख: भारत हमेशा से यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ उसके मुद्दे द्विपक्षीय (Bilateral) हैं और इसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है।

विशेषज्ञों की राय: कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि ट्रंप अक्सर अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, हालांकि 2019 के दौरान दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर जरूर था।

दुनिया के लिए क्यों है यह चिंता का विषय?

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह फिर से वैश्विक राजनीति के केंद्र में हैं। उनका यह कहना कि दो परमाणु शक्ति संपन्न देश युद्ध की कगार पर थे, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और डिप्लोमेसी के भविष्य पर सवाल खड़े करता है। क्या वाकई स्थिति इतनी भयावह थी या यह केवल एक चुनावी और राजनीतिक नैरेटिव है?