डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा सीक्रेट प्लान यूक्रेन युद्ध खत्म करने के करीब पहुँचे, पढ़िए उनकी जुबानी पूरी कहानी

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News India Live, Digital Desk: जब से रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुई है, दुनिया की नजरें बस एक ही बात पर टिकी हैं यह तबाही कब रुकेगी? इस बीच, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दे दिया है जिसने पूरी दुनिया में नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप का दावा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है और यह लगभग "95 प्रतिशत हल" हो चुका है।

नए साल में शांति की उम्मीद?
अक्सर हम नए साल के लिए निजी संकल्प लेते हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप का संकल्प पूरी दुनिया के लिए शांति लाने का है। उन्होंने एक हालिया चर्चा में संकेत दिया कि उनकी टीम इस दिशा में काफी तेजी से आगे बढ़ी है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने जो बातचीत शुरू की है, उसका नतीजा बहुत ही सकारात्मक है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 2025 की सुबह यूक्रेन में मिसाइलों के शोर के बिना होगी?

ट्रंप का अपना खास अंदाज़
ट्रंप को करीब से जानने वाले जानते हैं कि वो मुश्किल से मुश्किल मसलों को भी एक 'डीलर' (Deal-maker) की नजर से देखते हैं। उनका मानना है कि युद्ध लंबा खिंचने से दोनों देशों और पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि सुलह का खाका लगभग तैयार है और बस कुछ आखिरी कड़ियों को जोड़ना बाकी है।

सुलझन या सिर्फ दांव-पेच?
भले ही ट्रंप '95 प्रतिशत' समाधान का दावा कर रहे हों, लेकिन कूटनीति के जानकार इसे थोड़ा सावधानी से देख रहे हैं। युद्ध में जो बाकी '5 प्रतिशत' होता है, वही सबसे मुश्किल होता है जैसे सीमाओं का बंटवारा, नाटो में यूक्रेन की स्थिति और रूस की सुरक्षा गारंटी। लेकिन जिस विश्वास के साथ ट्रंप बोल रहे हैं, उससे एक बात तो साफ है कि वाशिंगटन में सत्ता संभालते ही उनकी प्राथमिकता इस खूनी संघर्ष को खत्म करने की होगी।

आम जनता के लिए क्या बदलेगा?
अगर यह युद्ध रुकता है, तो यह केवल रूस या यूक्रेन के लिए ही नहीं, बल्कि भारत जैसे देशों के लिए भी बड़ी राहत की बात होगी। कच्चे तेल की कीमतें, महंगाई और खाद की आपूर्ति जैसी समस्याओं से जूझ रही दुनिया के लिए यह नए साल का सबसे बड़ा तोहफा हो सकता है।

अंत में, डोनाल्ड ट्रंप की ये बातें एक नई उम्मीद तो जगाती हैं, लेकिन पुतिन और जेलेंस्की एक मेज पर बैठने को तैयार होंगे या नहीं, ये देखने वाली बात होगी। क्या 2025 वाकई खुशियां और शांति लेकर आएगा? हम सब तो बस यही उम्मीद कर सकते हैं कि ये तबाही अब रुक जाए।