खाटू श्याम फाल्गुन लक्खी मेला 2026 आज से भक्ति का सैलाब ,जानें दर्शन के नए नियम और मुख्य तिथियां
News India Live, Digital Desk: हारे के सहारे" बाबा श्याम का लक्खी मेला आज से शुरू होकर अगले 8 दिनों तक चलेगा। इस वर्ष मेले में 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान है। मंदिर परिसर को इस बार जगन्नाथपुरी और 12 ज्योतिर्लिंग की थीम पर भव्य रूप से सजाया गया है।
1. मेले का पूरा शेड्यूल (Dates & Highlights)
| आयोजन / मुख्य तिथि | तारीख (2026) | विवरण |
|---|---|---|
| मेला प्रारंभ | 21 फरवरी (शनिवार) | मेले का औपचारिक शुभारंभ। |
| लक्खी मेला (मुख्य दिन) | 27 फरवरी (शुक्रवार) | फाल्गुन शुक्ल एकादशी - यह मेले का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। |
| मेला समापन | 28 फरवरी (शनिवार) | फाल्गुन शुक्ल द्वादशी के साथ मेले का समापन। |
2. दर्शन के लिए नई व्यवस्थाएं (New Guidelines)
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन और मंदिर कमेटी ने इस बार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
8 दिन की अवधि: अमूमन 12 दिन चलने वाला यह मेला इस बार केवल 8 दिन का रखा गया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जा सके।
24 घंटे दर्शन: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेले के दौरान बाबा श्याम के पट 24 घंटे खुले रहेंगे।
14 कतारों में दर्शन: भक्तों को दर्शन के लिए 14 अलग-अलग लाइनों से होकर गुजरना होगा। दर्शन के लिए करीब 8 किलोमीटर का जिग-जैग (Zig-zag) मार्ग तय करना होगा।
VIP दर्शन बंद: सरकारी प्रोटोकॉल को छोड़कर, इस बार किसी भी प्रकार की वीआईपी दर्शन व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। सभी को सामान्य कतार में ही लगना होगा।
3. यात्रा और परिवहन (Travel & Routes)
17 KM पैदल कॉरिडोर: रींगस से खाटू धाम तक 17 किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग बनाया गया है, जिसे 'नो व्हीकल जोन' घोषित किया गया है। यहाँ केवल पैदल यात्रियों को ही अनुमति है।
रेलवे की तैयारी: उत्तर पश्चिम रेलवे ने दिल्ली, जयपुर और अन्य शहरों से 68 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। रींगस स्टेशन पर हर 20 मिनट में ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास है।
पार्किंग के लिए QR कोड: श्रद्धालुओं को जाम से बचाने के लिए पहली बार QR कोड आधारित पार्किंग व्यवस्था शुरू की गई है। इसे स्कैन कर भक्त नजदीकी उपलब्ध पार्किंग स्लॉट का पता लगा सकते हैं।
4. सुरक्षा और सुविधाएं
4,400 पुलिसकर्मी: मेले की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे क्षेत्र को 16 सेक्टरों में बांटा गया है।
सीसीटीवी निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र और रास्तों की निगरानी ड्रोन और हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है।
मेडिकल कैंप: पैदल मार्ग पर जगह-जगह चिकित्सा शिविर, पानी, लाइट और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है।