ब्रेस्ट में छोटी गांठ को न करें इग्नोर, वैक्यूम वाली इस नई तकनीक से शुरुआती स्टेज पर ही पकड़ी जाएगी बीमारी
News India Live, Digital Desk : ब्रेस्ट में किसी भी तरह की गांठ का पता चलना किसी भी महिला के लिए तनावपूर्ण हो सकता है। पहली चिंता हमेशा यही होती है कि कहीं यह कैंसर तो नहीं? पुराने समय में बायोप्सी का नाम सुनते ही सर्जरी और टांकों का ख्याल आता था, लेकिन अब वक्त बदल चुका है। आधुनिक मेडिकल साइंस ने 'वैक्यूम-असिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी' (VABB) के रूप में एक ऐसी राह निकाली है जो बहुत ही सटीक और आसान है।
आखिर ये 'वैक्यूम बायोप्सी' है क्या?
इसे आप ऐसे समझिये आम तौर पर जब डॉक्टर को शक होता है कि गांठ कैंसर की हो सकती है, तो वे उसका एक टुकड़ा (Sample) निकालकर जांच के लिए लैब भेजते हैं। पुरानी तकनीक में कभी-कभी पूरा सैंपल नहीं मिल पाता था या बड़ी सर्जरी करनी पड़ती थी। लेकिन VABB में वैक्यूम यानी 'खिंचाव' वाली तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसमें एक छोटी सी सुई की मदद से गांठ के अंदर से छोटे-छोटे कई टिशू (Tissue) सैंपल आसानी से निकाल लिए जाते हैं।
यह तकनीक इतनी खास क्यों है?
- शुरुआती पहचान (Early Detection): यह तकनीक उन बहुत छोटी गांठों या कैल्शियम जमाव (Microcalcifications) की भी पहचान कर सकती है, जो सामान्य अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राफी में साफ नजर नहीं आतीं। कैंसर को अगर 'स्टेज 0' या शुरुआती लेवल पर पकड़ लिया जाए, तो इलाज की सफलता के चांस बहुत बढ़ जाते हैं।
- न टांके, न चीरा: इस पूरी प्रक्रिया में ब्रेस्ट पर सिर्फ एक बहुत छोटा सा सुई जैसा छेद होता है। कोई बड़ा कट नहीं लगाया जाता, इसलिए टांके (Stitches) लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
- कम समय और तेज रिकवरी: यह पूरा प्रोसेस महज़ 15 से 20 मिनट में हो जाता है। पेशेंट को हॉस्पिटल में भर्ती होने की ज़रूरत नहीं होती और वह उसी दिन घर जाकर अपने काम कर सकती है।
किसे करानी चाहिए ये जांच?
डॉक्टर आमतौर पर उन महिलाओं को इसकी सलाह देते हैं जिनके मैमोग्राफी में बहुत छोटे दाग या गांठ दिखाई देते हैं। कई बार कैंसर रहित गांठों (Fibroadenoma) को हटाने के लिए भी इस तकनीक का सहारा लिया जाता है ताकि बिना किसी सर्जरी या निशान के समस्या जड़ से खत्म हो सके।
एक जरूरी सलाह:
ब्रेस्ट कैंसर से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार 'जानकारी' और 'समय पर जांच' है। 40 की उम्र के बाद नियमित चेकअप बहुत जरूरी है। अगर आपको किसी भी तरह का असामान्य बदलाव या गांठ महसूस हो, तो डरें नहीं। अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें और आधुनिक तकनीकों की मदद लें। याद रखिये, समय पर ली गई सलाह आपकी जिंदगी बचा सकती है।