Diwali 2025: घी का दीपक जलाएं या तेल का दीया? जानिए मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सही तरीका
News India Live, Digital Desk: रोशनी का महापर्व दिवाली बस आने ही वाला है, और इस दिन घर को दीपकों से रोशन करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. लेकिन अक्सर हम सबके मन में एक सवाल आता है – क्या दिवाली पर घी का दीपक जलाना ज्यादा शुभ होता है या फिर तेल का दीया? आखिर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम क्या है? यह सिर्फ एक दीपक की बात नहीं, बल्कि हमारी श्रद्धा और परंपरा से जुड़ा एक अहम हिस्सा है. चलिए, इस पर थोड़ा गहराई से बात करते हैं और समझते हैं कि क्या है इसका असली महत्व.
घी का दीपक: समृद्धि और शुद्धता का प्रतीक
अगर धार्मिक मान्यताओं की बात करें, तो गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाना हमेशा से सबसे श्रेष्ठ माना गया है. यह समृद्धि, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. घी को अग्नि तत्व का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है, और जब यह जलता है, तो वातावरण में सकारात्मकता फैलाता है. ऐसी मान्यता है कि दिवाली पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घी का दीपक जलाना सबसे फलदायी होता है. अगर आप घर में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और शांति चाहते हैं, तो मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक ही जलाना चाहिए.
- कहां जलाएं घी का दीपक: मुख्य रूप से घर के पूजा स्थान पर, मां लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने और घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. कहते हैं, इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में प्रवेश करती हैं.
- किसके लिए: धन-धान्य की देवी मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं के समक्ष घी का दीपक ही अर्पित करना चाहिए.
तेल का दीया: शनि और कष्टों से मुक्ति के लिए
इसका मतलब यह नहीं कि तेल का दीया कम शुभ होता है. दरअसल, तेल के दीये का अपना अलग महत्व है और इसे विशेष परिस्थितियों और देवताओं को प्रसन्न करने के लिए जलाया जाता है. आमतौर पर, सरसों का तेल या तिल का तेल दीपकों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. शनिदेव और अन्य कष्ट निवारक देवताओं के लिए तेल का दीया जलाना शुभ माना गया है. यह दुख, रोग और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होता है.
- कहां जलाएं तेल का दीया: घर के बाहर या ऐसे स्थानों पर जहां बुरी शक्तियों का भय होता है, वहां तेल का दीया जलाना शुभ माना जाता है. उदाहरण के लिए, हनुमान मंदिर में या किसी ऐसे स्थान पर जहां आप किसी नकारात्मक प्रभाव को दूर करना चाहते हैं, वहां तिल या सरसों के तेल का दीया जलाया जाता है.
- किसके लिए: अगर आप शनि दोष, पितृ दोष या किसी अन्य कष्ट से मुक्ति चाहते हैं, तो शनिदेव या हनुमानजी के समक्ष तेल का दीपक जलाना लाभकारी हो सकता है.
तो, दिवाली पर क्या करें?
अब सवाल यह है कि दिवाली पर क्या करना चाहिए? पंडित और धर्म विशेषज्ञ दोनों ही इस बात पर एकमत हैं कि दिवाली के मुख्य पूजा कक्ष और मां लक्ष्मी के समक्ष तो आपको शुद्ध गाय के घी का दीपक ही जलाना चाहिए. इससे मां लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. वहीं, आप चाहें तो अपने घर के बाकी हिस्सों को रोशन करने के लिए या उन देवी-देवताओं की पूजा के लिए तेल के दीये का उपयोग कर सकते हैं, जिनके लिए तेल शुभ माना जाता है.
निष्कर्ष यह है कि दिवाली के पावन पर्व पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए घी का दीपक सर्वोत्तम है. लेकिन तेल के दीये का भी अपना महत्व है, जिसका उपयोग आप विशेष पूजा-अर्चना के लिए कर सकते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात आपकी श्रद्धा और भक्ति है, जो किसी भी दीपक से बढ़कर होती है. दिवाली की रात अपने घर को रोशनी से भरें और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाएं