गाजियाबाद के नामी होटल में गंदा धंधा ,विदेशी लड़कियां और नशे का जाल, लापरवाही में नप गए 3 पुलिसवाले
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने खाकी और होटल इंडस्ट्री दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कौशांबी थाना क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित होटल में चल रहे हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में न केवल विदेशी युवतियों को रेस्क्यू किया गया, बल्कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी है।
6 महीने से चल रहा था खेल, DCP ने लिया कड़ा एक्शन
गाजियाबाद के वैशाली स्थित सरोवर पोर्टिको होटल में बुधवार को हुई छापेमारी ने शहर में हड़कंप मचा दिया। डीसीपी (ट्रांस हिंडन) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीट दरोगा अनुज, बीट पुलिस ऑफिसर मुकेश और लिंक बीपीओ ओमवीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों की जानकारी न रखना और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट न करना कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही है।
नौकरी का झांसा देकर बुलाते थे विदेशी लड़कियां
पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह रैकेट पिछले 6 महीनों से सक्रिय था। गिरोह के सरगना देशभर से और विदेशों से लड़कियों को 'अच्छी नौकरी' दिलाने के नाम पर बुलाते थे और फिर उन्हें देह व्यापार के दलदल में धकेल देते थे।
11 युवतियां रेस्क्यू: होटल के चार कमरों में की गई छापेमारी के दौरान 11 युवतियों को सुरक्षित निकाला गया।
नशीले पदार्थ बरामद: मौके से पुलिस को चरस और गांजा भी मिला है, जिससे संकेत मिलते हैं कि यहाँ नशे की पार्टियां भी आयोजित होती थीं।
रसूखदारों के नाम आए सामने, सिफारिशों का दौर शुरू
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि इस धंधे को संचालित करने के पीछे दो 'बड़े चेहरे' शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि ये दोनों आरोपी काफी प्रभावशाली हैं और उन्हें बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों के पास सिफारिशी फोन भी आने लगे हैं। फिलहाल, होटल मैनेजर समेत तीन लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि मुख्य सरगना अभी भी फरार हैं।
जांच के घेरे में CCTV और रसूखदार
एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव को इस पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज और गेस्ट रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। रेस्क्यू की गई युवतियों के बयान अदालत में दर्ज करा दिए गए हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पर्दे के पीछे बैठे असली 'मास्टमाइंड' सलाखों के पीछे होंगे।