Vijaya Ekadashi 2026 : आज है विजया एकादशी, शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला महाव्रत जानें शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और आरती
News India Live, Digital Desk : आज यानी 13 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की 'विजया एकादशी' मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है क्योंकि माना जाता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखता है, उसे अपने हर कार्य में सफलता मिलती है और वह शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है।
1. विजया एकादशी 2026 का शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026, शाम 04:52 बजे से
एकादशी तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026, दोपहर 03:14 बजे तक
पारण (व्रत खोलने) का समय: 14 फरवरी 2026, सुबह 07:05 से 09:18 बजे के बीच
2. पौराणिक व्रत कथा: जब श्रीराम ने रखा यह व्रत
पद्म पुराण के अनुसार, जब भगवान श्रीराम माता सीता की खोज में अपनी वानर सेना के साथ समुद्र तट पर पहुंचे, तो उनके सामने विशाल समुद्र को पार करने की चुनौती थी।
बकदालभ्य ऋषि की सलाह: लक्ष्मण जी के सुझाव पर श्री राम ने पास ही आश्रम में रह रहे बकदालभ्य ऋषि से मार्गदर्शन माँगा। ऋषि ने बताया कि यदि वे फाल्गुन कृष्ण एकादशी (विजया एकादशी) का व्रत विधि-विधान से करेंगे, तो उन्हें समुद्र पार करने और रावण पर विजय पाने का मार्ग मिल जाएगा।
विजय का आशीर्वाद: श्रीराम ने अपनी पूरी सेना के साथ यह व्रत रखा, जिसके प्रभाव से उन्हें समुद्र पार करने में सफलता मिली और अंततः उन्होंने अधर्म पर धर्म की विजय (लंका विजय) प्राप्त की।
3. व्रत की विधि और नियम
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
पूजा स्थान पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित कर उन्हें पीले फूल, फल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें।
पूरे दिन निराहार रहकर या फलाहार लेकर व्रत करें।
अगले दिन यानी द्वादशी को किसी ब्राह्मण को दान-दक्षिणा देने के बाद ही व्रत का पारण करें।
4. श्री विष्णु जी की आरती (Om Jai Jagdish Hare)
ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। > भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ > जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का। > सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥ > मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी। > तुम बिन और न दूजा, आस करूं मैं जिसकी॥ > तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी। > पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी॥