LDA मुख्यालय में बड़ा हादसा 7वीं मंजिल से धड़ाम से गिरी VC की लिफ्ट, बाल-बाल बचे कई बड़े अफसर

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News India Live, Digital Desk: लखनऊ विकास प्राधिकरण के गोमती नगर स्थित मुख्यालय में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और अन्य अधिकारियों को ले जा रही लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी के कारण सातवीं मंजिल से सीधे नीचे गिर गई।

1. कैसे हुआ यह खतरनाक हादसा?

हादसा उस समय हुआ जब एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार अपने कुछ वरिष्ठ सहयोगियों के साथ एक बैठक के बाद सातवीं मंजिल से नीचे आ रहे थे।

फ्री फॉल: अचानक लिफ्ट का तार या सेंसर फेल होने के कारण वह अनियंत्रित हो गई और तेजी से नीचे की ओर गिरी।

आपातकालीन ब्रेक: गनीमत यह रही कि ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचने से ठीक पहले लिफ्ट के इमरजेंसी सुरक्षा सिस्टम ने उसे एक झटके के साथ रोक दिया, जिससे लिफ्ट बेसमेंट से टकराने से बच गई।

2. लिफ्ट में फंसे रहे अधिकारी

लिफ्ट गिरने के बाद वह जाम हो गई और उसके दरवाजे नहीं खुले।

बचाव कार्य: लिफ्ट में फंसे अधिकारियों ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी और मेंटेनेंस टीम मौके पर पहुंची।

कड़ी मशक्कत: लगभग 15 से 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट के दरवाजों को जबरन खोलकर उपाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

3. बाल-बाल बची अधिकारियों की जान

इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन अचानक लगे झटके और 'फ्री फॉल' की वजह से लिफ्ट के अंदर मौजूद अधिकारी बुरी तरह सहम गए।

कौन-कौन था सवार: उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के साथ सचिव और कुछ अन्य इंजीनियर भी लिफ्ट में मौजूद थे।

4. सुरक्षा और मेंटेनेंस पर उठे सवाल

राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक होने के बावजूद एलडीए मुख्यालय की लिफ्ट का इस तरह गिरना लापरवाही की ओर इशारा करता है।

जांच के आदेश: उपाध्यक्ष ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है और लिफ्ट के मेंटेनेंस के लिए जिम्मेदार कंपनी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

अस्पताल में चेकअप: घटना के बाद एहतियात के तौर पर कुछ अधिकारियों का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।