Digital Lok Adalat 2026 : ट्रैफिक चालान से पाना है छुटकारा? आज ही घर बैठे करें डिजिटल लोक अदालत में निपटारा, जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
News India Live, Digital Desk: अगर आपकी गाड़ी का भी रेड लाइट जंप, ओवर स्पीडिंग या हेलमेट न पहनने जैसा कोई पुराना चालान पेंडिंग है, तो आज उसे बेहद कम जुर्माने में या कभी-कभी पूरी माफी के साथ खत्म करने का सुनहरा मौका है। 14 फरवरी 2026 को दिल्ली के सभी 7 कोर्ट परिसरों (जैसे तीस हजारी, साकेत, द्वारका आदि) में यह अदालत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक लग रही है।
डिजिटल लोक अदालत के जरिए निपटारे की प्रक्रिया (Online Process)
लोक अदालत में भाग लेने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक पोर्टल traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat पर जाएं।
चालान डाउनलोड करें: अपना वाहन नंबर और वेरिफिकेशन कोड डालकर पेंडिंग चालान की लिस्ट चेक करें। (ध्यान दें: इसके लिए स्लॉट बुकिंग 9 फरवरी से ही शुरू हो गई थी)।
टोकन प्राप्त करें: रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक टोकन नंबर (Token Number) और अपॉइंटमेंट स्लिप मिलेगी। इसका प्रिंटआउट लेना अनिवार्य है।
कोर्ट का चयन: बुकिंग के समय आपने जिस कोर्ट परिसर (जैसे रोहिणी या पटियाला हाउस) और टाइम स्लॉट को चुना है, वहां समय पर पहुँचें।
दस्तावेज साथ ले जाएं: अपने साथ चालान की कॉपी, वाहन की आरसी (RC), ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा के कागज जरूर रखें।
किन चालानों का होगा निपटारा?
लोक अदालत में केवल 'कंपाउंडेबल' (Compoundable) यानी छोटे अपराधों से जुड़े चालानों का निपटारा होता है, जैसे:
बिना हेलमेट या सीटबेल्ट के वाहन चलाना।
रेड लाइट जंप करना या गलत पार्किंग।
ओवर स्पीडिंग या बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) के गाड़ी चलाना।
नोट: शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drunk Driving) जैसे गंभीर मामलों का निपटारा यहाँ नहीं होता।
डिजिटल लोक अदालत के बड़े फायदे
समय की बचत: आपको बार-बार कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ते, एक ही दिन में फैसला हो जाता है।
जुर्माने में भारी छूट: लोक अदालत की बेंच मामले को सुनकर जुर्माने की राशि को काफी कम (अक्सर 50% तक) कर सकती है या माफ भी कर सकती है।
कानूनी मान्यता: यहाँ होने वाला समझौता अंतिम होता है और इसके खिलाफ आगे कोई अपील नहीं की जा सकती, जिससे केस हमेशा के लिए बंद हो जाता है।