FASTag Fraud Alert : फास्टैग के नाम पर खाली हो रहा है बैंक खाता NHAI ने जारी की चेतावनी, भूलकर भी न करें ये गलती
News India Live, Digital Desk: सड़कों पर सफर को आसान बनाने वाला FASTag अब साइबर अपराधियों के निशाने पर है। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ लोगों को 'FASTag KYC Update' या 'Low Balance' के नाम पर फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं। जैसे ही यूजर इन मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करता है, उसका फोन हैक हो जाता है या बैंक डिटेल्स चोरी हो जाती हैं।
ठग कैसे बनाते हैं शिकार? (Modus Operandi)
फर्जी मैसेज और लिंक: आपके पास एक एसएमएस (SMS) आता है जिसमें लिखा होता है कि आपका फास्टैग अकाउंट सस्पेंड होने वाला है, इसे बचाने के लिए तुरंत दिए गए लिंक पर अपनी KYC अपडेट करें।
नकली वेबसाइट: लिंक पर क्लिक करते ही एक ऐसी वेबसाइट खुलती है जो बिल्कुल असली बैंक या NHAI की साइट जैसी दिखती है।
OTP और डेटा चोरी: जब आप अपनी डिटेल्स और बैंक जानकारी भरते हैं, तो आपसे एक ओटीपी (OTP) मांगा जाता है। यह ओटीपी देते ही आपके खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।
फर्जी कस्टमर केयर: गूगल सर्च पर कई बार गलत हेल्पलाइन नंबर मिलते हैं। उन पर कॉल करने पर ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर आपसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप (जैसे Anydesk या TeamViewer) डाउनलोड करवा लेते हैं।
NHAI की सलाह: सुरक्षित रहने के 5 तरीके
KYC के लिए आधिकारिक ऐप: हमेशा FASTag की आधिकारिक वेबसाइट (ihmcl.co.in) या अपने बैंक के ऑथराइज्ड ऐप का ही उपयोग करें।
अज्ञात लिंक से बचें: किसी भी रैंडम नंबर से आए एसएमएस में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। बैंक या NHAI कभी भी लिंक के जरिए संवेदनशील जानकारी नहीं मांगते।
स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स से दूरी: किसी के कहने पर अपने फोन में Anydesk जैसे ऐप डाउनलोड न करें, ये आपके फोन का पूरा एक्सेस ठगों को दे देते हैं।
हेल्पलाइन नंबर: फास्टैग संबंधी किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1033 पर ही कॉल करें।
पिन और ओटीपी: अपना यूपीआई (UPI) पिन या बैंक ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
अगर धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?
यदि आप किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए 1930 (नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।