दिल्ली वालों, जेब ढीली करने के लिए हो जाओ तैयार! मेट्रो का सफर होने जा रहा है महंगा, जानिए कब से और कितना बढ़ेगा किराया

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दिल्ली की लाइफलाइन, दिल्ली मेट्रो... लाखों लोगों के लिए यह सिर्फ ट्रांसपोर्ट का एक जरिया नहीं, बल्कि जाम से बचाने वाला, समय पर ऑफिस पहुंचाने वाला और गर्मी में AC की ठंडी हवा देने वाला एक सच्चा दोस्त है। लेकिन अब, इस दोस्त के साथ सफर करना आपकी जेब पर थोड़ा भारी पड़ने वाला है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने किराया बढ़ाने की अपनी नई योजना को अंतिम रूप दे दिया है, और अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही आपको अपनी रोजमर्रा की यात्रा के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे। यह खबर उन लाखों छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए एक बड़ा झटका है, जो हर दिन मेट्रो पर निर्भर रहते हैं।

कब से लागू होंगी नई दरें?

हालांकि DMRC ने अभी तक कोई एक निश्चित तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, किराए में यह बढ़ोतरी 2025 की दूसरी छमाही में, यानी जून या जुलाई के बाद, कभी भी लागू की जा सकती है।

क्यों बढ़ रहा है किराया?

किराया बढ़ाने के पीछे DMRC कुछ ठोस वजहें बता रही है:

  1. बढ़ती लागत: DMRC का कहना है कि पिछले कुछ सालों में बिजली की दरें, कर्मचारियों की तनख्वाहें और मेट्रो के रख-रखाव (Maintenance) का खर्च काफी बढ़ गया है।
  2. पुराने सिस्टम की जगह नया: कई लाइनों पर अब पुराने कोच और सिग्नलिंग सिस्टम को बदलने की जरूरत है, जिसके लिए एक बहुत बड़े निवेश की जरूरत है।
  3. वित्तीय घाटा: DMRC का यह भी कहना है कि वह वित्तीय दबाव से गुजर रही है और अपनी सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाए रखने के लिए किराया बढ़ाना अब एक मजबूरी बन गया है।

कितना बढ़ सकता है किराया? (संभावित नई दरें)

हालांकि असल बढ़ी हुई दरों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि हर स्लैब में किराए में इजाफा किया जाएगा।

  • न्यूनतम किराया: जो अभी 10 रुपये है, उसे बढ़ाकर 15 रुपये किया जा सकता है।
  • अधिकतम किराया: जो अभी 60 रुपये है, उसे बढ़ाकर 75 से 80 रुपये तक किया जा सकता है।

इसका मतलब है कि आपकी दूरी के हिसाब से, आपको हर सफर पर 5 रुपये से लेकर 20 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। महीने के हिसाब से देखें तो यह आपके बजट पर एक अच्छा-खासा असर डाल सकता है।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

दिल्ली में पहले ही महंगाई चरम पर है, ऐसे में मेट्रो के किराए में यह बढ़ोतरी आम आदमी की कमर तोड़ सकती है। खासकर उन छात्रों और कम आय वाले लोगों के लिए जिनके लिए मेट्रो ही सफर का एकमात्र सस्ता जरिया है।

अब देखना यह है कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है। क्या वह आम आदमी को राहत देने के लिए कोई सब्सिडी देगी, या फिर दिल्ली वालों को इस महंगे सफर के लिए तैयार रहना होगा।