दिल्ली को 'दमघोंटू' हवा से मिली थोड़ी राहत, हटा लिया गया GRAP-3; जानें अब क्या बदलेगा

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लंबे समय से जहरीली हवा और पाबंदियों के साये में जी रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए संडे (30 नवंबर) का दिन थोड़ी राहत लेकर आया। पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण के स्तर में हल्का सुधार देखने को मिल रहा है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI), जो लगातार खतरे के निशान से ऊपर चल रहा था, अब लुढ़क कर 300 के नीचे आ गया है।

हवा के इस बदलते मिजाज को देखते हुए, केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कड़ा फैसला वापस लेते हुए राजधानी से ग्रैप-3 (GRAP-3) की पाबंदियां हटाने का ऐलान कर दिया है।

आखिर हवा में कितना सुधार हुआ है?

रविवार को दिल्ली का कुल AQI 296 दर्ज किया गया, जिसे 'खराब' श्रेणी में माना जाता है, लेकिन यह 'बेहद खराब' (Very Poor) या 'गंभीर' (Severe) श्रेणी से बहुत बेहतर है। अगर पिछले हफ्ते पर नज़र डालें तो ग्राफ नीचे आ रहा है:

  • रविवार: 296
  • शनिवार: 320
  • बृहस्पतिवार:  347
  • मंगलवार: 352
  • सोमवार: 382

इसी सुधरते ट्रेंड को देखते हुए प्रशासन ने थोड़ी ढील देने का फैसला किया है।

GRAP-3 हटने का क्या मतलब है? आपको क्या छूट मिलेगी?

ग्रैप-3 के लागू होने का मतलब था—सख्त पहरा। इसके हटने से अब शहर में कई चीज़ें फिर से पटरी पर लौटेंगी:

  1. कंस्ट्रक्शन शुरू: ग्रैप-3 के सबसे बड़े नियमों में से एक था निर्माण कार्यों पर रोक। अब जब इसे हटा लिया गया है, तो कंस्ट्रक्शन, तोड़-फोड़, बोरिंग और मिट्टी की खुदाई जैसे गैर-ज़रूरी काम फिर से शुरू हो सकेंगे। यह मजदूरों और बिल्डर्स के लिए बड़ी राहत है।
  2. स्कूल और क्लासेस: प्रदूषण बढ़ने पर कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूल बंद करने या ऑनलाइन क्लास चलाने की सलाह दी जाती है। ग्रैप-3 हटने से अब हाइब्रिड मोड की बाध्यता खत्म हो सकती है और बच्चे स्कूल जा सकेंगे।
  3. गाड़ियों पर फैसला: ग्रैप-3 के दौरान BS-III पेट्रोल और  BS-IV डीजल वाली चार-पहिया गाड़ियों पर रोक लगाई जाती है। अब इस चरण के वापस लेने से इन कार मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सावधान! पूरी तरह आज़ादी नहीं मिली है

एक बात साफ़ तौर पर समझ लीजिए—हवा 'साफ़' नहीं हुई है, बस 'कम ज़हरीली' हुई है। इसलिए प्रशासन ने ग्रैप-3 हटाया है, लेकिन GRAP-1 और GRAP-2 की पाबंदियां अभी भी लागू रहेंगी।

इसका मतलब है:

  • सड़कों पर पानी का छिड़काव जारी रहेगा।
  • होटलों या रेस्टोरेंट में कोयले/लकड़ी के तंदूर पर रोक रहेगी।
  • गाड़ी का PUC चेक करना और डस्ट कंट्रोल नियम सख्ती से माने जाएंगे।

प्रशासन ने साफ़ किया है कि अगर प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ा, तो वे दोबारा सख्त नियम लागू करने में देर नहीं करेंगे। इसलिए अभी भी मास्क लगाएं और अपनी सेहत का ख्याल रखें, क्योंकि AQI 296 भी 'स्वस्थ' हवा नहीं है।

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