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March 16 2026 11:51 am

Defence Stocks Rally : ईरान युद्ध की आग से दहका बाजार HAL, BEL और Mazagon Dock के शेयर 13% तक उछले

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News India Live, Digital Desk: शनिवार (28 फरवरी 2026) को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने के बाद वैश्विक स्तर पर रक्षा उपकरणों की मांग बढ़ने की संभावना ने भारतीय डिफेंस सेक्टर में जान फूंक दी है।

1. इन शेयरों ने मारी लंबी छलांग (Top Gainers)

आज के शुरुआती कारोबार में डिफेंस कंपनियों के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया है:

Hindustan Aeronautics Ltd (HAL): HAL के शेयरों में 10% से 13% तक की भारी तेजी देखी गई। निवेशकों को उम्मीद है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमानों (Tejas) और हेलीकॉप्टरों की मांग बढ़ेगी।

Bharat Electronics Ltd (BEL): डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी के शेयर 8% तक उछल गए।

Bharat Dynamics Ltd (BDL): मिसाइल और टॉरपीडो बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों में भी 9% का सर्किट जैसा उछाल दिखा।

Mazagon Dock & Cochin Shipyard: शिपयार्ड कंपनियों के शेयरों में भी 5% से 7% की बढ़त दर्ज की गई है।

2. तेजी की 3 बड़ी वजहें (Why the Surge?)

ग्लोबल ऑर्डर की उम्मीद: युद्ध के माहौल में मित्र राष्ट्रों और ग्लोबल मार्केट से भारत को नए डिफेंस एक्सपोर्ट (Defence Export) के ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ गई है।

बजट और आत्मनिर्भरता: भारत सरकार का रक्षा क्षेत्र में 100% 'आत्मनिर्भर' होने का लक्ष्य और हालिया बजट में आवंटन ने पहले ही सेंटीमेंट को मजबूत किया था।

जियोपॉलिटिकल बैरोमीटर: एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिफेंस स्टॉक्स अक्सर युद्ध के समय एक 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) के रूप में देखे जाते हैं, क्योंकि इस दौरान देशों का सैन्य खर्च अचानक बढ़ जाता है।

3. निवेशकों को क्या करना चाहिए? (Expert Advice)

बाजार विशेषज्ञों और एनालिस्ट्स ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है:

Earnings over Headlines: एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ युद्ध की हेडलाइन देखकर निवेश न करें। उन कंपनियों पर ध्यान दें जिनके पास पहले से ही मजबूत ऑर्डर बुक (Order Book) है।

Profit Booking: जिन निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की थी, वे इस तेजी का फायदा उठाकर आंशिक रूप से मुनाफा वसूली (Profit Booking) कर सकते हैं।

Long-term View: डिफेंस सेक्टर लंबी अवधि के लिए बेहतरीन है, लेकिन मौजूदा कीमतों पर 'Lumpsum' निवेश के बजाय 'SIP' मोड में निवेश करना सुरक्षित हो सकता है, क्योंकि युद्ध की खबरें बाजार में भारी उतार-चढ़ाव ला सकती हैं।

आगामी चुनौतियां

यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन में रुकावट पूरी अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकती है। ऐसे में डिफेंस स्टॉक्स में आई यह तेजी 'अस्थाई' (Volatile) भी हो सकती है।