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March 16 2026 01:17 pm

IT Sector Alert : मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग तो TCS और Infosys ने उठाया बड़ा कदम, कर्मचारियों के लिए जारी हुई सख्त Travel Advisory

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News India Live, Digital Desk : ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। इसका सीधा असर अब भारत के दिग्गज आईटी सेक्टर (IT Sector) पर भी दिखने लगा है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियां TCS (Tata Consultancy Services) और Infosys ने अपने हजारों कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई 'ट्रैवल एडवाइजरी' जारी की है।

गैर-जरूरी यात्राओं पर तत्काल प्रभाव से 'बैन'

मिडिल ईस्ट (Middle East) में बिगड़ते सुरक्षा हालातों और कई देशों द्वारा अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद किए जाने के बाद, दोनों कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा न करने की सलाह दी है।

TCS के निर्देश: कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इजरायल, ईरान और आसपास के देशों की सभी व्यावसायिक यात्राएं अगले आदेश तक स्थगित रहेंगी।

Infosys का रुख: इंफोसिस ने अपने ग्लोबल मोबिलिटी विभाग के जरिए अलर्ट जारी कर कर्मचारियों को 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाने को कहा है।

ऑन-साइट कर्मचारियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

जो कर्मचारी पहले से ही मिडिल ईस्ट के देशों में प्रोजेक्ट्स पर तैनात हैं, उनके लिए कंपनियां विशेष प्रोटोकॉल का पालन कर रही हैं:

सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग: कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों या घर के अंदर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

रिमोट वर्किंग: जहां संभव है, वहां प्रोजेक्ट्स को 'वर्क फ्रॉम होम' मोड पर शिफ्ट किया जा रहा है।

हेल्पलाइन नंबर: आपातकालीन स्थिति के लिए कंपनियों ने 24/7 सपोर्ट डेस्क सक्रिय कर दी है।

प्रोजेक्ट डिलीवरी और बिजनेस पर क्या होगा असर?

मिडिल ईस्ट भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक उभरता हुआ बाजार है। बैंकिंग, टेलिकॉम और एनर्जी सेक्टर में इन कंपनियों के कई बड़े प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं।

डेडलाइन की चुनौती: युद्ध के कारण उड़ानों के रद्द होने और रसद (Logistics) में बाधा आने से प्रोजेक्ट की समय सीमा प्रभावित हो सकती है।

साइबर सुरक्षा का खतरा: युद्ध के दौरान डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमलों का जोखिम बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए TCS और Infosys ने अपने सुरक्षा घेरे को और मजबूत कर दिया है।

बाजार और निवेशकों की नजर

जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण सोमवार को शेयर बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों को डर है कि अगर तनाव लंबा खिंचता है, तो आईटी कंपनियों के मार्जिन और इंटरनेशनल ऑपरेशंस पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, कंपनियों का कहना है कि वे स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही हैं और ग्राहकों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।