सड़क पर बिछीं लाशें और मलबे में तब्दील हुई गाड़ियां, छत्तीसगढ़ के कांकेर में भीषण एक्सीडेंट
News India Live, Digital Desk: सड़क पर रफ़्तार का जुनून कब मातम में बदल जाए, कोई नहीं जानता। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक ऐसी ही रूह कपा देने वाली खबर आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहाँ दो भारी भरकम ट्रकों के बीच इतनी जोरदार भिड़ंत हुई कि मौक़े पर ही तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। यह हादसा सिर्फ़ एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि रफ़्तार और बदकिस्मती का वो मेल था जिसे देख प्रत्यक्षदर्शियों की रूह तक कांप गई।
क्या हुआ और कैसे हुआ?
किस्सा दरअसल नेशनल हाईवे का है, जहाँ देर रात या तड़के सुबह (अंधेरे का वक्त था) दो ट्रक विपरीत दिशा से आ रहे थे। रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि मोड़ पर या शायद झपकी आने की वजह से दोनों ट्रक सीधे एक-दूसरे से जा भिड़े। टक्कर इतनी भयानक थी कि ट्रकों का अगला हिस्सा बिल्कुल मलबे में तब्दील हो गया। लोहे के परखच्चे उड़ते देख आसपास के लोग सहम गए और चीख-पुकार मच गई।
बचाव और दर्दनाक मंजर
जैसे ही एक्सीडेंट की आवाज़ सुनाई दी, स्थानीय लोग और राहगीर मदद के लिए दौड़े। पुलिस को भी सूचना दी गई। ट्रकों के केबिन इस तरह पिचक गए थे कि उसके अंदर फँसे लोगों को बाहर निकालना किसी चुनौती से कम नहीं था। घंटों की मशक्कत के बाद जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक तीन ज़िंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थीं। हादसे में मारे गए लोगों के घर पर जैसे ही ये खबर पहुँची, वहां कोहराम मच गया। यह सोचना भी डरावना है कि कुछ मिनट पहले तक जो लोग अपने घर पहुँचने की योजना बना रहे थे, वे अब इस दुनिया में नहीं हैं।
सुरक्षा पर बड़े सवाल
कांकेर के इस हादसे ने एक बार फिर हाइवे की सुरक्षा और ट्रकों की रफ़्तार पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। क्या सड़कों की बनावट में कोई कमी थी? या फिर भारी भरकम गाड़ियों के ड्राइवरों की कोई चूक? पुलिस फिलहाल इस मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही है। घायलों को पास के अस्पताल ले जाया गया है जहाँ उनकी हालत के बारे में डॉक्टरों की टीम जुटी हुई है।
बढ़ते सड़क हादसे हम सबके लिए एक चेतावनी हैं। रात का सफर और तेज़ रफ़्तार अक्सर मौत को बुलावा देती है। उम्मीद है कि प्रशासन इस पर सख्ती करेगा ताकि फिर किसी माँ की गोद या किसी सुहागिन का सिंदूर इन सड़कों की रफ़्तार की भेंट न चढ़े।