डलास तो पाकिस्तान बन गया है अमेरिकी सांसद के बयान से मचा बवाल, भारतीय मूल की पत्नी के चलते चर्चा में लांस गुडन

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News India Live, Digital Desk: अमेरिका के टेक्सास राज्य के डलास शहर को लेकर रिपब्लिकन सांसद लांस गुडन (Lance Gooden) ने एक ऐसा विवादित बयान दिया है, जिससे न केवल स्थानीय लोग बल्कि प्रवासी समुदाय भी हैरान है। गुडन ने डलास की तुलना पाकिस्तान से कर दी है, जिसके बाद उन पर नस्लवाद और पूर्वाग्रह के आरोप लग रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि लांस गुडन की पत्नी स्वयं भारतीय मूल की हैं, जिसके कारण यह मामला और भी चर्चा का विषय बन गया है।

क्या है पूरा मामला?

एक हालिया कार्यक्रम के दौरान डलास की जनसांख्यिकी (Demographics) और वहां की बदलती संस्कृति पर टिप्पणी करते हुए लांस गुडन ने कहा कि शहर के कुछ हिस्से अब अमेरिका जैसे नहीं लगते। उन्होंने कहा, "डलास अब पाकिस्तान में बदल गया है।" गुडन का यह इशारा डलास में बढ़ती प्रवासियों की संख्या और वहां के सांस्कृतिक बदलाव की ओर था। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने उनकी तीखी आलोचना शुरू कर दी है।

विरोध के स्वर: "यह विविधता का अपमान है"

सांसद के इस बयान पर डलास के स्थानीय नेताओं और मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है।

सांस्कृतिक विविधता: डलास और उसके आसपास के इलाके (जैसे प्लैनो और फ्रिस्को) अपनी विविधता के लिए जाने जाते हैं, जहाँ भारतीय, पाकिस्तानी और अन्य एशियाई मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का कहना है कि एक सांसद द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना समुदायों के बीच नफरत फैलाने जैसा है।

पत्नी का 'भारतीय कनेक्शन' और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग

लांस गुडन की पत्नी मैगी गुडन (Maggie Gooden) भारतीय मूल की हैं। जैसे ही सांसद का बयान वायरल हुआ, सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी पत्नी की पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए उन्हें घेरना शुरू कर दिया।

नेटिजन्स का सवाल है कि जिस व्यक्ति का अपना परिवार दक्षिण एशियाई मूल से जुड़ा हो, वह प्रवासियों के प्रति इतना संकीर्ण नजरिया कैसे रख सकता है?

कई लोगों ने इसे 'सस्ते राजनीतिक फायदे' के लिए दिया गया बयान करार दिया है।

सांसद की सफाई?

अभी तक लांस गुडन के कार्यालय की ओर से इस पर कोई औपचारिक माफीनामा जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनके समर्थकों का तर्क है कि उनके बयान का उद्देश्य शहर में बढ़ रहे अवैध आप्रवासन और उससे जुड़ी चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करना था।