क्रिकेट या फुटबॉल? अब BBL में 11 नहीं 12 खिलाड़ी बदलेंगे खेल की किस्मत जानिए ये नया चक्कर क्या है
News India Live, Digital Desk : क्रिकेट की दुनिया में आजकल इतने नए नियम आ रहे हैं कि कई बार समझना मुश्किल हो जाता है। कभी 'इम्पैक्ट प्लेयर' तो कभी 'पावरप्ले' में बदलाव। अब इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) एक ऐसा अनोखा नियम लेकर आई है, जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है।
इस नए नियम का नाम है 'Designated Batter' (डेजिग्नेटेड बैटर)। आसान शब्दों में कहें तो अब क्रिकेट सिर्फ 11 खिलाड़ियों का खेल नहीं रह जाएगा। चलिए जानते हैं कि ये काम कैसे करेगा और इससे मैच का रोमांच कितना बढ़ेगा।
क्या है ये नया 'डेजिग्नेटेड बैटर' नियम?
बीबीएल के नए नियमों के हिसाब से, टॉस के वक्त हर टीम 11 की जगह 12 खिलाड़ियों के नाम दे सकेगी। जो 12वां खिलाड़ी होगा, उसे ही 'डेजिग्नेटेड बैटर' कहा जाएगा। यह खिलाड़ी मैच के दौरान किसी भी समय बैटिंग करने के लिए आ सकता है। लेकिन यहाँ एक ट्विस्ट है जिस खिलाड़ी की जगह वो अंदर आएगा, वह खिलाड़ी फिर उस मैच में दोबारा हिस्सा नहीं ले पाएगा।
IPL के 'इम्पैक्ट प्लेयर' से कितना अलग है?
अक्सर लोग इसे आईपीएल के इम्पैक्ट प्लेयर जैसा समझ रहे हैं, लेकिन यहाँ एक बारीक अंतर है। आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर बैटिंग या बॉलिंग दोनों कर सकता था, लेकिन बीबीएल का ये नियम खास तौर पर 'बैटिंग' को मजबूती देने के लिए लाया गया है।
मान लीजिए किसी टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई है और उसे एक भरोसेमंद बल्लेबाज की जरूरत है, तो टीम मैनेजमेंट फौरन अपने 'डेजिग्नेटेड बैटर' को मैदान पर उतार सकता है।
इसका खेल पर क्या असर पड़ेगा?
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि इस नियम से टी20 क्रिकेट और भी ज्यादा 'बल्लेबाजों का गेम' बन जाएगा। टीमें अब अपनी बैटिंग लाइनअप में ज्यादा गहराई रख सकेंगी। अगर पहले कुछ ओवरों में विकेट गिर जाते हैं, तो डैमेज कंट्रोल करना आसान होगा। वहीं, दूसरी तरफ गेंदबाजों के लिए चुनौती बढ़ेगी क्योंकि उन्हें आखिरी ओवरों तक स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों का सामना करना पड़ सकता है।
अंत में मेरी राय
खेल को मजेदार बनाने के लिए ये प्रयोग अच्छे हैं, लेकिन क्या इससे गेंदबाज हाशिए पर चले जाएंगे? यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल, तो ऑस्ट्रेलिया ने अपना पासा फेंक दिया है। देखना दिलचस्प होगा कि बिग बैश के इस सीजन में ये नियम कितनी टीमों की तकदीर बदलता है।