Cricket News : भारत-पाकिस्तान मैच की टिकटें क्यों नहीं बिक रहीं? वजह जानकर सिर पकड़ लेंगे आप

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News India Live, Digital Desk: Cricket News :  भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच का मतलब होता है हाउसफुल स्टेडियम, ज़बरदस्त रोमांच और टिकटों के लिए मारामारी। लेकिन इस बार एशिया कप 2025 में कुछ ऐसा हो रहा है, जिसने सबको हैरान कर दिया है।दुबई में 14 सितंबर को होने वाले इस महामुकाबले की टिकटें अब तक पूरी तरह से नहीं बिकी हैं। एक तरफ़ जहाँ इस मैच का जुनून फैंस के सिर चढ़कर बोलता है, वहीं दूसरी तरफ़ खाली सीटें आयोजकों के लिए चिंता का सबब बन गई हैं।

आख़िर ऐसा क्या हुआ कि जिस मैच की एक झलक पाने के लिए लोग कुछ भी करने को तैयार रहते हैं, उसकी टिकटें बाज़ार में अब भी उपलब्ध हैं? आइए, इसके पीछे की असल वजहों को समझते हैं।

1. टिकटों की क़ीमत आसमान पर

इस बार टिकटों के दाम इतने ज़्यादा हैं कि आम क्रिकेट फैन के लिए उन्हें ख़रीद पाना लगभग नामुमकिन है। सबसे सस्ती टिकट भी दो लोगों के लिए क़रीब 10,000 रुपये की है वहीं, वीआईपी सुइट्स (VIP Suites) की बात करें तो दो टिकटों की क़ीमत 2.5 लाख रुपये से भी ज़्यादा है। पवेलियन, प्लैटिनम और स्काई बॉक्स जैसी कैटगरी की टिकटें भी हज़ारों रुपये में बिक रही हैं। ज़ाहिर है, इतनी महँगी टिकटें ख़रीदना हर किसी के बस की बात नहीं है।

2. एक टिकट नहीं, पूरा 'पैकेज' ख़रीदने की मजबूरी

इस बार आयोजकों ने एक नया नियम लागू किया है, जो फैंस को बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा। आप सिर्फ़ भारत-पाकिस्तान मैच का टिकट नहीं ख़रीद सकते।इसके बजाय, आपको 7 मैचों का एक पूरा पैकेज ख़रीदना पड़ रहा है। आयोजकों ने यह क़दम यूएई और ओमान जैसी टीमों के मैचों को बढ़ावा देने के लिए उठाया था, लेकिन यह फ़ैसला उल्टा पड़ता दिख रहा है फैंस का कहना है कि वे सिर्फ़ एक मैच देखना चाहते हैं, न कि पूरे सात मैच। सोशल मीडिया पर भी इस 'बंडल सिस्टम' को लेकर काफ़ी नाराज़गी देखी जा रही है।

3. बड़े खिलाड़ियों की कमी

किसी भी मैच का रोमांच उसके बड़े खिलाड़ियों से होता है। इस बार एशिया कप टी20 फ़ॉर्मेट में हो रहा है, और भारतीय टीम से विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी टी20 से संन्यास ले चुके हैं।वहीं, पाकिस्तानी टीम में भी बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान जैसे बड़े नाम शामिल नहीं हैं।इन स्टार खिलाड़ियों की ग़ैर-मौजूदगी ने भी मैच का उत्साह थोड़ा कम कर दिया है, क्योंकि बहुत से फैंस इन्हीं खिलाड़ियों को देखने स्टेडियम आते हैं।

4. दुबई का गर्म मौसम और राजनीतिक तनाव

दुबई में सितंबर के महीने में काफ़ी गर्मी होती है, जो शाम के वक़्त लंबा मैच देखने के अनुभव को मुश्किल बना सकती है। इसके अलावा, कुछ समय पहले हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव भी एक कारण माना जा रहा है। कुछ भारतीय फैंस इस मैच के बहिष्कार की बात भी कर रहे हैं, जिसका असर टिकटों की बिक्री पर भी पड़ा है।

हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि मैच की तारीख़ नज़दीक आते-आते शायद टिकटों की बिक्री में तेज़ी आए, लेकिन इतना तो साफ़ है कि इस बार आयोजकों के कुछ फ़ैसलों ने क्रिकेट के सबसे बड़े मुक़ाबले का मज़ा थोड़ा किरकिरा ज़रूर कर दिया है।