हैदराबाद में पकड़ी गई मौत की खेप, 1000 लीटर बकरी का खून और इंसानी जान की कोई कीमत नहीं?

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News India Live, Digital Desk: आज के दौर में मिलावट के किस्से तो हम रोज सुनते हैं—कभी दूध में पानी, तो कभी मसालों में कचरा। लेकिन क्या कोई इतना गिर सकता है कि जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे मरीज की नसों में जानवरों का खून चढ़ा दे? हैदराबाद से आई ताजा खबर ने पूरे देश के मेडिकल सिस्टम और आम लोगों को सन्न कर दिया है।

पकड़ा गया 1000 लीटर 'मौत का सामान'
हैदराबाद पुलिस और प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद की गई छापेमारी में जो सामने आया वह रूह कंपाने वाला था। करीब 1000 लीटर भेड़ और बकरी का खून मेडिकल ग्रेड वाले 'ब्लड बैग्स' में पैक मिला। ताज्जुब की बात ये है कि इन बैग्स को बिल्कुल उसी तरह तैयार किया गया था जैसे अस्पतालों और ब्लड बैंकों में इंसानी खून रखा जाता है।

कैसे चल रहा था यह खौफनाक खेल?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कसाईखानों से जानवरों का खून कौड़ियों के दाम पर इकट्ठा करता था। फिर उसे प्रोसेस करके या सीधे तौर पर इंसानी ब्लड ग्रुप की फर्जी लेबलिंग लगाकर ऊंची कीमतों पर बेचने की तैयारी थी। ये खून किन अस्पतालों या लैब में जाने वाला था, इसकी जांच अब युद्ध स्तर पर चल रही है।

कितना खतरनाक है ये?
एक आम इंसान भी समझ सकता है कि अगर किसी व्यक्ति के शरीर में दूसरे जानवर का खून चढ़ा दिया जाए, तो उसका क्या अंजाम होगा। डॉक्टरों के अनुसार, यह सिर्फ इन्फेक्शन का मामला नहीं है, बल्कि इससे तत्काल 'एनाफिलेक्टिक शॉक' (Anaphylactic Shock) हो सकता है, जिससे मिनटों में मरीज की जान जा सकती है। यह सीधे-सीधे हत्या करने जैसा प्रयास है।

हम कैसे सुरक्षित रहें?
यह खबर हमें ये सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हम भरोसा किस पर करें? यहाँ कुछ बातें हैं जिनका आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए:

  1. अधिकृत ब्लड बैंक (Authorized Blood Banks): हमेशा सरकार से मान्यता प्राप्त या बड़े अस्पतालों के इन-हाउस ब्लड बैंकों से ही खून लें।
  2. सस्ते के चक्कर में न पड़ें: अगर कोई व्यक्ति बाहर से चुपचाप खून का इंतजाम करने की बात करे, तो तुरंत सावधान हो जाएं।
  3. QR कोड और सील चेक करें: अब कई राज्यों में ब्लड बैग्स पर ट्रैकिंग सिस्टम होते हैं, उनके बारे में डॉक्टर से जरूर पूछें।