CNG Price Today: वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर! सीएनजी की कीमतों में स्थिरता, जानें दिल्ली-मुंबई समेत अपने शहर के ताजा रेट
नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच सीएनजी (CNG) का उपयोग करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए आज राहत भरी खबर सामने आई है। साल 2026 के ताजा अपडेट के अनुसार, देश के अधिकांश बड़े और छोटे शहरों में सीएनजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बढ़ती महंगाई के इस दौर में ईंधन के दामों का स्थिर रहना आम जनता, खासकर ऑटो-टैक्सी चालकों और मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
मेट्रो शहरों का हाल: दिल्ली से मुंबई तक क्या हैं दाम?
देश की राजधानी और आर्थिक राजधानी में सीएनजी के रेट लगभग एक समान बने हुए हैं। दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में सीएनजी की कीमत ₹77.09 प्रति किलोग्राम पर टिकी हुई है। वहीं, मायानगरी मुंबई में भी यह ₹77.00 के स्तर पर स्थिर है। दक्षिण भारत की बात करें तो चेन्नई में कीमतें थोड़ी अधिक ₹91.50 और बेंगलुरु में ₹90.10 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई हैं। हैदराबाद में सीएनजी ₹96.00 के साथ फिलहाल सबसे महंगे स्तर पर है।
छोटे शहरों में राहत: यूपी-राजस्थान में कीमतों की स्थिति
उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख शहरों में भी किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। मेरठ, सोनीपत और रेवाड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। मथुरा में सीएनजी ₹93.85, फिरोजाबाद में ₹93.91 और भरतपुर में ₹92.50 प्रति किलोग्राम के भाव पर मिल रही है। कीमतों में स्थिरता की वजह से इन शहरों के स्थानीय परिवहन और माल ढुलाई के खर्च में फिलहाल कोई इजाफा नहीं होगा।
कुछ राज्यों में मामूली हलचल: कहाँ बढ़े दाम?
हालांकि अधिकांश राज्यों में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन कुछ चुनिंदा जगहों पर मामूली बदलाव दर्ज किया गया है। चंडीगढ़ में सीएनजी की कीमतों में ₹0.50 की वृद्धि हुई है, जिससे नया रेट ₹91.50 हो गया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और दादरा नगर हवेली जैसे पहाड़ी व केंद्र शासित प्रदेशों में ₹1.00 तक की बढ़ोत्तरी देखी गई है। बिहार, झारखंड, कर्नाटक और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में दाम पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं।
क्यों नहीं बढ़ रहे दाम? विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की कीमतों में आई स्थिरता और घरेलू आपूर्ति के बेहतर संतुलन की वजह से सीएनजी के दाम नियंत्रित हैं। सरकार की मौजूदा नीतियां भी ईंधन की कीमतों को एक सीमित दायरे में रखने में मदद कर रही हैं। वैश्विक स्तर पर जब तक कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बड़ा उछाल नहीं आता, तब तक घरेलू बाजार में सीएनजी के रेट स्थिर रहने की उम्मीद है।
आम जनता और ट्रांसपोर्ट पर सीधा असर
सीएनजी की कीमतें स्थिर रहने का सबसे बड़ा फायदा आम आदमी की जेब को होता है। ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी सेवाओं के किराए में बढ़ोतरी की संभावना कम हो जाती है, जिससे रोजाना सफर करने वाले ऑफिस जाने वालों और छात्रों को राहत मिलती है। साथ ही, सीएनजी से चलने वाले कमर्शियल वाहनों के जरिए होने वाली फल-सब्जियों की ढुलाई सस्ती रहती है, जिससे खाने-पीने की चीजों के दाम भी नियंत्रण में रहते हैं।