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March 26 2026 12:23 pm

हिमाचल में तेल का खेल: पेट्रोल-डीजल ₹5 महंगा! सुक्खू सरकार का 'अनाथ और विधवा उपकर' लागू, जनता पर बढ़ा बोझ

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शिमला: देवभूमि हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए एक बड़ी और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। आर्थिक तंगी से जूझ रही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। विधानसभा में भारी हंगामे के बीच पारित हुए इस नए विधेयक ने प्रदेश में महंगाई की एक नई लहर पैदा कर दी है। सरकार ने इस बढ़ोतरी को 'अनाथ और विधवा उपकर' (Cess) का नाम दिया है, जिसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है।

विधानसभा में विधेयक पारित: विपक्ष का जोरदार हंगामा

29 मार्च, 2026 को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 'हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक' को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा पेश किए गए इस बिल का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया। विपक्षी दलों का तर्क है कि इस फैसले के बाद प्रदेश में पेट्रोल की कीमतें ₹100 और डीजल ₹90 के पार निकल जाएंगी। सदन में तीखी नोकझोंक के बाद बीजेपी विधायकों ने वॉकआउट किया और इस निर्णय को 'जनता विरोधी' करार दिया।

क्या है 'अनाथ और विधवा उपकर'? सरकार का तर्क

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम समाज के सबसे कमजोर तबके के कल्याण के लिए उठाया गया है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से जो अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, उसे सीधे 'अनाथ एवं विधवा वेलफेयर फंड' में जमा किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस फंड का इस्तेमाल जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और विधवाओं की आर्थिक सहायता के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सेस लगाने के बावजूद हिमाचल में तेल की कीमतें पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के मुकाबले कम बनी हुई हैं।

आम जनता और पर्यटन पर पड़ेगा सीधा असर

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे:

महंगा होगा सफर: डीजल की कीमतें बढ़ने से निजी और सरकारी बस किरायों में वृद्धि की पूरी संभावना है।

माल ढुलाई: फसलों, निर्माण सामग्री और खाद्य वस्तुओं की ढुलाई महंगी होने से बाजार में महंगाई बढ़ेगी।

पर्यटन को झटका: हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर टिकी है। टैक्सी और ट्रैवल खर्च बढ़ने से राज्य में आने वाले लाखों पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है।

राजनीतिक घमासान: जयराम ठाकुर का तीखा प्रहार

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सुक्खू सरकार दिशाहीन हो चुकी है। उन्होंने 'अनाथ और विधवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर टैक्स वसूलने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। बीजेपी का कहना है कि सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं का बोझ जनता पर डाल रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आगामी चुनावों में महंगाई और यह सेस एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरेगा।

कब से लागू होंगी नई कीमतें?

जैसे ही इस विधेयक पर राज्यपाल की अंतिम मोहर लग जाएगी, यह तुरंत कानून बन जाएगा और प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों पर नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को सलाह दी है कि वे केंद्र सरकार से सेस कम करने की मांग करें ताकि राज्य के लोगों को राहत मिल सके। फिलहाल, प्रदेशवासियों को अब अपनी यात्रा और घरेलू बजट के लिए अधिक पैसे खर्च करने के लिए तैयार रहना होगा।