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April 22 2026 08:52 am

Social Media KYC: फेसबुक, इंस्टाग्राम और X यूजर्स के लिए बड़ा झटका अब पहचान पत्र के बिना नहीं चलेगा सोशल मीडिया

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News India Live, Digital Desk: भारत सरकार डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाने और फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और एक्स (X, पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए KYC (Know Your Customer) अनिवार्य किया जा सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आपको अपना सोशल मीडिया अकाउंट चलाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी जैसे सरकारी पहचान पत्र से वेरिफिकेशन करना होगा।

क्यों जरूरी हुआ सोशल मीडिया का 'केवाईसी'?

पिछले कुछ समय में डीपफेक (Deepfake), ऑनलाइन धोखाधड़ी और गुमनाम अकाउंट्स के जरिए नफरत फैलाने वाली पोस्ट में भारी इजाफा हुआ है। सरकार का मानना है कि 'गुमनामी' (Anonymity) का फायदा उठाकर अपराधी बच निकलते हैं।

फेक न्यूज पर लगाम: आईडी वेरिफिकेशन के बाद हर यूजर की पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे भ्रामक खबरें फैलाने वालों को पकड़ना आसान होगा।

साइबर क्राइम में कमी: वित्तीय धोखाधड़ी और हनीट्रैपिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में यह नियम गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

अकाउंट रिकवरी में आसानी: असली यूजर्स को अपना हैक हुआ अकाउंट वापस पाने में सरकारी आईडी से मदद मिलेगी।

कैसे काम करेगा यह नया वेरिफिकेशन सिस्टम?

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर एक 'वेरिफिकेशन विंडो' देनी होगी।

डॉक्यूमेंट अपलोड: यूजर को अपना सरकारी पहचान पत्र अपलोड करना होगा।

AI आधारित मिलान: प्लेटफॉर्म की एआई (AI) तकनीक आईडी की फोटो और प्रोफाइल फोटो का मिलान करेगी।

वेरिफाइड बैज: सफल वेरिफिकेशन के बाद यूजर के प्रोफाइल पर एक विशेष 'ट्रस्टेड' या 'वेरिफाइड' टैग दिख सकता है। सरकार यह भी स्पष्ट कर सकती है कि जो अकाउंट्स वेरिफाइड नहीं होंगे, उनकी 'रीच' (Reach) कम कर दी जाएगी या वे कुछ खास फीचर्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

सरकार के इस फैसले पर निजता (Privacy) के पैरोकारों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों के पास करोड़ों भारतीयों का आधार या अन्य निजी डेटा होना जोखिम भरा हो सकता है। डेटा लीक की स्थिति में यह जानकारी गलत हाथों में पड़ सकती है। हालांकि, सरकार का कहना है कि डेटा सुरक्षा कानून (DPDP Act) के तहत कंपनियों को इस डेटा को सुरक्षित रखने के लिए कड़े नियमों का पालन करना होगा।

विदेशी कंपनियों की बढ़ेगी सिरदर्दी

मेटा (Meta) और एलन मस्क की कंपनी 'X' के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार है। नए नियमों के लागू होने के बाद इन कंपनियों को अपने आर्किटेक्चर में बड़े बदलाव करने होंगे। सूत्रों की मानें तो सरकार ने इस संबंध में कंपनियों से शुरुआती चर्चा शुरू कर दी है और जल्द ही इसका ड्राफ्ट (Draft) सार्वजनिक किया जा सकता है।