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April 19 2026 05:08 pm

ईरान के आसमान में आधी रात को 'गायब' हुए चीनी विमान, तेहरान में लैंडिंग से दुनिया में खलबली

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News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और नाजुक युद्धविराम के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। खुफिया रिपोर्टों और एविएशन ट्रैकर्स के हवाले से दावा किया जा रहा है कि चीन के रहस्यमयी कार्गो विमानों ने ईरान की राजधानी तेहरान में गुपचुप तरीके से लैंडिंग की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन विमानों ने ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से ठीक पहले अपने 'ट्रांसपोंडर' (ट्रैकिंग डिवाइस) बंद कर दिए थे, ताकि उन्हें रडार पर पकड़ा न जा सके।

48 घंटे के भीतर चीनी विमानों की 'सीक्रेट' लैंडिंग

मीडिया रिपोर्ट्स और सैटेलाइट डेटा के मुताबिक, पिछले 48 घंटों के भीतर चीन के कम से कम चार बड़े मालवाहक विमान तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य सैन्य ठिकानों पर उतरे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन विमानों ने बीच रास्ते में ही अपनी लोकेशन छिपानी शुरू कर दी थी। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह से 'रेडियो साइलेंस' या ट्रांसपोंडर बंद करना तभी किया जाता है जब विमान में कोई बेहद संवेदनशील या गुप्त कार्गो ले जाया जा रहा हो।

क्या चीन भेज रहा है खतरनाक हथियार और मिसाइलें?

इस रहस्यमयी गतिविधि ने उन आशंकाओं को और बल दे दिया है कि चीन चोरी-छिपे ईरान को घातक हथियारों की सप्लाई कर रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence) ने संकेत दिए हैं कि बीजिंग, ईरान को अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम, FN-6 मैनपैड्स (MANPADS) और HJ-12E एंटी-टैंक मिसाइलें भेज रहा है। हालांकि, चीन ने आधिकारिक तौर पर इन खबरों को 'भ्रामक' बताया है, लेकिन जिस तरह से ये विमान आधी रात के अंधेरे में तेहरान पहुंचे हैं, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

अमेरिका की बढ़ी टेंशन, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी

चीनी विमानों की इस कथित हरकत के बाद वाशिंगटन में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि किसी देश ने ईरान को सैन्य मदद दी, तो उस पर 50 प्रतिशत तक भारी टैरिफ और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। ट्रंप ने हाल ही में खुलासा किया था कि उन्होंने शी जिनपिंग को पत्र लिखकर हथियार न भेजने को कहा था, लेकिन ताज़ा घटनाक्रम ने अमेरिकी दावों और चीनी वादों के बीच के अंतर को गहरा कर दिया है।

पश्चिम एशिया में बदल सकते हैं युद्ध के समीकरण

अगर इन विमानों के जरिए ईरान को चीन के आधुनिक हथियार और तकनीकी मदद मिल रही है, तो इससे क्षेत्र में युद्ध के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि युद्धविराम का फायदा उठाकर ईरान अपनी सैन्य ताकत को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। चीन का यह सहयोग न केवल इजरायल बल्कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी हितों के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकता है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सैटेलाइट इमेजरी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उन विमानों से वास्तव में क्या सामान उतारा गया है।