चीन का रहस्यमयी चमगादड़ ड्रोन, क्या ये सच में अमेरिका के F-35 से भी ज़्यादा खतरनाक है?
News India Live, Digital Desk: आसमान में एक ऐसा शिकारी जिसकी आहट भी न हो और वो अपना काम करके निकल जाए। चीन ने हाल ही में दुनिया को अपने एक ऐसे ही हथियार की झलक दिखाई है, जो बिल्कुल किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगता है। इसे GJ-11 'शार्प स्वोर्ड' (Sharp Sword) ड्रोन कहा जा रहा है और अपनी चमगादड़ जैसी बनावट के कारण यह दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है।
हाल ही में चीन ने इसका एक वीडियो जारी किया है, जिसमें यह लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरता दिख रहा है। इसके बाद से ही सैन्य विशेषज्ञों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या यह बिना पायलट वाला विमान (ड्रोन) भविष्य में हवाई जंग के सारे नियम बदलकर रख देगा?
आखिर क्या है ये GJ-11 ड्रोन?
GJ-11 कोई मामूली ड्रोन नहीं है। यह एक स्टील्थ मानवरहित लड़ाकू विमान (Stealth Unmanned Combat Aerial Vehicle) है। आसान भाषा में कहें तो यह एक ऐसा लड़ाकू ड्रोन है जो दुश्मन के रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता।[1][2] इसकी खास 'फ्लाइंग विंग' यानी उड़ने वाले पंख जैसी बनावट इसे रडार की तरंगों को चकमा देने में मदद करती है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अपने सारे हथियार, जैसे मिसाइल और बम, अपने अंदर छुपाकर रखता है। जब तक यह हमला नहीं करता, बाहर से देखकर कोई कह नहीं सकता कि यह कितना घातक हो सकता है। यह लंबी दूरी तक जाकर खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमले करने, दोनों में माहिर है।
अकेले नहीं, टीम में करेगा काम
इस ड्रोन की सबसे डरावनी बात इसका अकेले लड़ना नहीं, बल्कि टीम में काम करना है। चीन इसे अपने सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान J-20 के 'विंगमैन' यानी एक वफादार साथी की तरह तैयार कर रहा है। इसका मतलब यह है कि J-20 का पायलट अपनी सुरक्षा में रहते हुए इन ड्रोन्स को आगे भेजकर दुश्मन के इलाके में भेज सकता है।
ये ड्रोन दुश्मन की हवाई सुरक्षा को तबाह करने या जमीन पर मौजूद ठिकानों पर हमला करने जैसा खतरनाक काम करेंगे, जिससे पायलट और महंगे लड़ाकू विमान सुरक्षित रहेंगे। एक पायलट एक साथ कई ड्रोन्स को कंट्रोल कर सकता है, जो दुश्मन के लिए किसी बुरे सपने जैसा होगा।
क्या यह F-35 से भी ज़्यादा खतरनाक है?
सीधे तौर पर GJ-11 की तुलना अमेरिका के F-35 फाइटर जेट से करना सही नहीं होगा, क्योंकि दोनों का काम करने का तरीका अलग है। F-35 एक पायलट वाला लड़ाकू विमान है जो हर तरह के मिशन के लिए बना है। वहीं, GJ-11 एक बिना पायलट वाला ड्रोन है जिसे खास तौर पर सबसे खतरनाक मिशनों के लिए बनाया गया है, जहां पायलट की जान का खतरा हो।
इसका असली खतरा यह है कि यह दुश्मन के लिए हवाई जंग को बहुत मुश्किल बना सकता है। यह बिना किसी इंसानी नुकसान के डर के दुश्मन के इलाके में घुसकर उसकी आंख और कान यानी रडार सिस्टम को तबाह कर सकता है, जिसके बाद F-35 जैसे लड़ाकू विमानों के लिए भी खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए, यह सीधे तौर पर F-35 से "घातक" न होते हुए भी हवाई जंग का पलड़ा चीन की तरफ झुकाने की क्षमता रखता है।
चीन इस ड्रोन का एक नौसैनिक संस्करण भी बना रहा है, जिसे विमानवाहक पोतों से ऑपरेट किया जा सकेगा, जो समुद्र में भी इसकी ताकत को कई गुना बढ़ा देगा। यह ड्रोन चीन की बढ़ती सैन्य तकनीक और भविष्य की युद्ध नीतियों की एक साफ तस्वीर पेश करता है।