China Japan Face-off : ताइवान के करीब जापान की मिसाइल दीवार योनागुनी द्वीप पर तैनाती देख आगबबूला हुआ चीन

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 दुनिया अभी यूक्रेन और मिडिल ईस्ट की जंग से उबरी भी नहीं है कि अब एशिया के समंदर में बारूद की गंध महसूस होने लगी है। इस बार आमने-सामने हैं दो पुराने दुश्मन— चीन (China) और जापान (Japan)

मामला है 'ताइवान' (Taiwan) का, जिसे चीन अपना हिस्सा मानता है और हड़पने की फिराक में है। लेकिन अब जापान ने कुछ ऐसा कर दिया है जिससे बीजिंग में खलबली मच गई है। जापान ने ताइवान के बेहद करीब अपने एक द्वीप, योनागुनी (Yonaguni Island) पर सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं और वहां मिसाइलों की तैनाती की तैयारी शुरू हो गई है।

आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर जापान का यह कदम चीन को इतना क्यों चुभ रहा है और इससे युद्ध का खतरा कैसे बढ़ गया है।

योनागुनी द्वीप: चीन की आंखों में क्यों गड़ रहा है?
सबसे पहले लोकेशन को समझिये। जापान का 'योनागुनी द्वीप' ताइवान से महज 110 किलोमीटर दूर है। जी हाँ, इतनी कम दूरी कि साफ़ मौसम में योनागुनी से ताइवान दिख जाता है।
अब तक यह द्वीप शांत था, लेकिन चीन के बढ़ते आक्रामक रवैये को देखते हुए जापान ने इसे एक 'मिलिट्री किले' में बदलने का फैसला किया है।
जापान यहां सरफेस-टू-एयर मिसाइल (Surface-to-Air Missiles) तैनात करने की योजना बना रहा है। इसका सीधा मतलब है कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला करने के लिए अपने फाइटर जेट्स या जहाज भेजे, तो जापान की मिसाइलें उन्हें रास्ते में ही घेर सकती हैं।

जापान क्यों हुआ इतना आक्रामक?
जापान, जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद से 'शांति' की नीति पर चल रहा था, अब अपनी सुरक्षा नीति (Defence Policy) बदल रहा है। उसे डर है कि "आज ताइवान है, कल जापान होगा।"
चीन लगातार सेनकाकू द्वीप (Senkaku Islands) के पास घुसपैठ करता रहता है। ऐसे में जापान ने ठान लिया है कि वो हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेगा। जापान अपनी सीमाओं को अमेरिका (USA) के साथ मिलकर इतना मजबूत कर रहा है कि चीन कोई भी हिमाकत करने से पहले सौ बार सोचे।

चीन का रिएक्शन: 'आग से मत खेलो'
जाहिर है, अपने पिछवाड़े में इतनी बड़ी सैन्य तैनाती देखकर चीन तिलमिला गया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने जापान को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह "इतिहास से सबक ले" और "ताइवान के मुद्दे में टांग न अड़ाए।" चीन का कहना है कि जापान का यह कदम क्षेत्र की शांति भंग कर रहा है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।