Funny Railway Stations: 'काला बकरा' से लेकर 'साली' और 'दीवाना' तक... भारत के इन रेलवे स्टेशनों के नाम पढ़कर छूट जाएगी आपकी हंसी
नई दिल्ली। भारतीय रेल का सफर सिर्फ एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अपने आप में एक खट्टी-मीठी यादों का पिटारा है। ट्रेन की खिड़की के पास बैठकर बाहर के नजारे देखना हर किसी को पसंद होता है। लेकिन क्या कभी सफर के दौरान आपकी नजर किसी ऐसे रेलवे स्टेशन के साइनबोर्ड पर पड़ी है, जिसका नाम पढ़कर आप अपनी हंसी न रोक पाए हों? भारत में ऐसे कई रेलवे स्टेशन हैं जिनके नाम इतने अजीबोगरीब और मजेदार हैं कि यात्री उन्हें देखकर न सिर्फ ठिठक जाते हैं, बल्कि अपना सिर भी खुजलाने लगते हैं।
सोशल मीडिया पर खूब वायरल होते हैं ये साइनबोर्ड
आजकल ट्रैवल व्लॉगर्स और आम यात्रियों के बीच इन अनोखे स्टेशनों के साइनबोर्ड के साथ सेल्फी लेने का एक अलग ही ट्रेंड चल पड़ा है। सोशल मीडिया पर अक्सर लोग इन स्टेशनों की तस्वीरें मजेदार कैप्शन के साथ शेयर करते हैं, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो जाती हैं। सफर की थकान के बीच जब अचानक से कोई ऐसा नाम सामने आता है, तो यात्रियों के चेहरे पर अपने आप एक बड़ी सी मुस्कान आ जाती है।
'काला बकरा' से 'सिंगापुर' तक... ये हैं भारत के सबसे अनोखे स्टेशन
अगर आप सोच रहे हैं कि हम किन स्टेशनों की बात कर रहे हैं, तो चलिए आपको देश के कुछ ऐसे ही चुनिंदा रेलवे स्टेशनों के बारे में बताते हैं:
काला बकरा (Kala Bakra): पंजाब के जालंधर के पास स्थित इस स्टेशन का नाम सुनकर हर कोई मुस्कुरा देता है।
साली और नाना (Sali and Nana): राजस्थान में स्थित ये दो स्टेशन हमेशा यात्रियों के बीच चर्चा का विषय रहते हैं। ऐसा लगता है जैसे रेलवे ने पूरी रिश्तेदारी यहीं निभा ली हो।
दीवाना (Diwana): हरियाणा के पानीपत के पास स्थित इस स्टेशन का नाम इतना रोमांटिक है कि प्रेमी जोड़े यहां जरूर फोटो खिंचवाना चाहते हैं।
सिंगापुर रोड (Singapore Road): ओडिशा का यह स्टेशन आपको बिना वीजा-पासपोर्ट के ही 'सिंगापुर' पहुंचने का अहसास करा देता है।
इब (Ib): ओडिशा में ही स्थित यह भारतीय रेलवे का सबसे छोटे नाम वाला स्टेशन है।
आखिर रेलवे क्यों नहीं बदलता ये नाम?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि इन अजीबोगरीब नामों को बदलकर कोई सामान्य नाम क्यों नहीं रख दिया जाता? रेलवे विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, उनकी पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और ट्रेनों का सुचारू संचालन है। ये नाम दशकों से चलन में हैं और स्थानीय लोग इनके अभ्यस्त हो चुके हैं। नाम बदलने से न सिर्फ कागजी कार्यवाही बढ़ती है, बल्कि यात्रियों और रेल यातायात नियंत्रण (Traffic Control) में भी भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
नामों में छिपी है भारत की सांस्कृतिक मिठास
मजेदार लगने वाले ये नाम दरअसल भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के जीते-जागते सबूत हैं। इनमें से कई नाम स्थानीय बोलियों, पुरानी लोककथाओं या उस क्षेत्र के किसी ऐतिहासिक महत्व से जुड़े होते हैं। विदेश से आने वाले पर्यटक भी जब इन स्टेशनों से गुजरते हैं, तो भारतीय संस्कृति के इस अनूठे और रंग-बिरंगे पहलू को देखकर चकित रह जाते हैं।