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April 14 2026 12:27 am

सुप्रीम कोर्ट की मुख्य सचिव को फटकार: 'CJI का फोन नहीं उठा सकते क्या?'

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सोमवार, 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुश्यंत नरियाला की क्लास लगा दी। मामला 1 अप्रैल का है, जब मालदा में भीड़ ने न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया था। सीजीआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा कि संकट के उस वक्त मुख्य सचिव ने कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन तक नहीं उठाया। अदालत ने इसे जिला प्रशासन की भारी नाकामी करार दिया और मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे इस व्यवहार के लिए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से बिना शर्त माफी मांगें।

मालदा कांड: NIA करेगी 26 आरोपियों से पूछताछ, 'राजनीति' पर कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को 'सुनियोजित साजिश' बताते हुए आदेश दिया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 26 लोगों से अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) पूछताछ करेगी। अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में नौकरशाही की विश्वसनीयता खत्म हो रही है और सरकारी दफ्तरों व सचिवालय में राजनीति हावी हो रही है। बेंच ने साफ किया कि न्यायिक हिरासत में होने के बावजूद NIA इन आरोपियों से पूछताछ कर सकेगी।

क्या था मामला? 9 घंटे तक बंधक रहे 7 जज, वाहनों पर हुआ पथराव

यह पूरा विवाद 31 मार्च और 1 अप्रैल का है। मालदा के कालियाचक में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की आपत्तियों को निपटाने के लिए बंगाल, ओडिशा और झारखंड के 700 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया था। कालियाचक बीडीओ ऑफिस में तीन महिलाओं समेत सात न्यायिक अधिकारियों को उग्र भीड़ ने 9 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा। जब उन्हें रेस्क्यू किया गया, तो उनके वाहनों पर पत्थर, ईंट और डंडों से जानलेवा हमला किया गया।

ADM को कारण बताओ नोटिस: प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने का आरोप

मालदा के अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM) शेख अंसार अहमद भी अब रडार पर हैं। जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने उन्हें दो नोटिस जारी किए हैं। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान अहमद ने बिना अनुमति के न केवल प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया, बल्कि उनसे ऐसे वादे भी किए जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर थे। उन्होंने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत SIR की तारीख बढ़ाने का आश्वासन दिया था। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है।

बंगाल में प्रशासनिक उथल-पुथल: नैहाटी थाना प्रभारी सस्पेंड

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई केवल मालदा तक सीमित नहीं रही। उत्तर 24 परगना के नैहाटी थाने के प्रभारी को भी निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने नामांकन प्रक्रिया के दौरान टीएमसी उम्मीदवार के समर्थन में नैहाटी नगरपालिका अध्यक्ष को पुलिस वाहन में एसडीओ कार्यालय तक पहुंचाया। भाजपा नेता अर्जुन सिंह द्वारा साझा किए गए वीडियो के बाद यह कार्रवाई हुई है।