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March 18 2026 05:50 pm

दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ताबड़तोड़ बैठकें, आखिर क्या है राजस्थान के लिए बड़ा एजेंडा

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इन दिनों राजधानी दिल्ली के दौरे पर हैं, जहाँ उनकी बैक-टू-बैक मुलाकातों ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। अमित शाह से लेकर जेपी नड्डा तक, दिग्गज नेताओं के साथ हुई इन बैठकों का केंद्र केवल 'शिष्टाचार' नहीं, बल्कि राजस्थान के विकास और आगामी राजनीतिक बदलावों से जुड़ा एक बड़ा रोडमैप माना जा रहा है।

अमित शाह के साथ 45 मिनट की गुप्त मंत्रणा

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब 45 मिनट तक चली इस बैठक में राजस्थान की कानून-व्यवस्था, सीमावर्ती सुरक्षा और राज्य में चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों का मानना है कि इस बैठक में प्रदेश संगठन में संभावित बदलावों और आगामी चुनावों की रणनीति को लेकर भी फीडबैक साझा किया गया है।

स्वास्थ्य और जल शक्ति: दिल्ली से राजस्थान को क्या मिलेगा?

सीएम भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जल शक्ति मंत्री से भी मुलाकात की।

स्वास्थ्य सेवा: 'आयुष्मान भारत' के प्रभावी क्रियान्वयन और राजस्थान के चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

पानी की समस्या: राजस्थान की सबसे बड़ी चुनौती यानी पेयजल संकट और 'राम जल सेतु' जैसे प्रोजेक्ट्स को केंद्र से गति दिलाने पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि केंद्र के सहयोग से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक स्वच्छ पानी पहुंचाया जाए।

राजस्थान उत्सव 2026: बीकानेर हाउस में बिखरी छटा

राजनीतिक बैठकों के अलावा, मुख्यमंत्री ने दिल्ली के बीकानेर हाउस में 'राजस्थान उत्सव 2026' का भव्य शुभारंभ भी किया। यह उत्सव 15 से 25 मार्च तक चलेगा, जो दिल्लीवासियों को राजस्थान की कला, हस्तशिल्प और व्यंजनों से रूबरू कराएगा। मुख्यमंत्री ने यहाँ 'राजीविका दीदियों' से संवाद कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

विरोधियों को जवाब: "दिल्ली जाता हूँ तो नतीजा लेकर लौटता हूँ"

अपने दिल्ली दौरों पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का मुख्यमंत्री ने कड़ा जवाब दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि वे जब भी दिल्ली जाते हैं, प्रदेश के लिए ठोस परिणाम और विकास की योजनाएं लेकर ही लौटते हैं। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में 'जल जीवन मिशन' में हुई कथित अनियमितताओं पर भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।

मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के 3 मुख्य एजेंडे:

केंद्र-राज्य समन्वय: योजनाओं के लिए बजट और तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करना।

संगठनात्मक फीडबैक: सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना।

विकास का ब्लूप्रिंट: विकसित राजस्थान-2047 के विजन को धरातल पर उतारना।